उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं, इसी क्रम में सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश प्रजापति शामली प…

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं, इसी क्रम में सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश प्रजापति शामली पहुंचे, जहां उन्होंने प्रजापति समाज के लोगों के साथ बैठक और जनसंवाद किया, इस दौरान स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया, राकेश प्रजापति ने कहा कि पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रजापति समाज के बीच जनसंवाद कर रही है, अखिलेश यादव के निर्देश पर वह सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली और मेरठ में समाज के लोगों से मुलाकात कर रहे हैं, शामली में उन्होंने समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और सपा सरकार के कार्यकाल में लागू योजनाओं का भी जिक्र किया।

सपा प्रवक्ता ने प्रदेश सरकार की कानून-व्यवस्था और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रजापति समाज से जुड़े कुछ हत्या के मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, उन्होंने बागपत के बासी गांव और अमरोहा के सुधांशु प्रजापति हत्याकांड का भी जिक्र किया, साथ ही सपा सरकार के दौरान प्रजापति समाज को मिले प्रतिनिधित्व और 102, 108 एंबुलेंस सेवा, कन्या विद्याधन जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।

राकेश प्रजापति ने प्रजापति समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग भी उठाई, उन्होंने कहा कि समाज की इस मांग पर सरकार को निर्णय लेना चाहिए, उन्होंने बीजेपी पर हिंदू-मुस्लिम मुद्दों के जरिए राजनीति करने का आरोप लगाया और सरकार की शिक्षा नीतियों पर भी सवाल उठाए, जाट समाज की कथित नाराजगी के सवाल पर राकेश प्रजापति ने कहा कि जाट समाज में कोई नाराजगी नहीं है, उन्होंने सपा सांसद हरेंद्र मलिक और विधायक पंकज मलिक का जिक्र करते हुए कहा कि सपा और जाट समाज के बीच राजनीतिक संबंध रहे हैं, RLD के साथ गठबंधन और आगामी चुनाव में अकेले लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बार परिस्थितियां अलग हैं और चुनाव के समय स्थिति स्पष्ट होगी।

जयंत चौधरी से जुड़े पुराने ‘चवन्नी’ वाले बयान पर राकेश प्रजापति ने कहा कि यह बयान खुद जयंत चौधरी ने दिया था और अखिलेश यादव ने केवल उसका जिक्र किया था, उन्होंने हाथरस की घटना का हवाला देते हुए जयंत चौधरी और अखिलेश यादव के बीच हुई बयानबाजी पर भी प्रतिक्रिया दी, कुल मिलाकर, 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच जनसंवाद बढ़ा रही है, शामली में राकेश प्रजापति का दौरा भी इसी अभियान का हिस्सा रहा।