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छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, हर सप्ताह होगा बड़ा भर्ती इवेंट: सीएम योगी -

🕐 20 Sep 2026, 04:20 pm• 3 min padho • Chugal Khor News
छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, हर सप्ताह होगा बड़ा भर्ती इवेंट: सीएम योगी -

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के तहत चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और सहायक उपनिरीक्षक लेखा के पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं। नियुक्ति पाने वालों में 173 महिलाएं भी हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है और हर सप्ताह एक बड़ा भर्ती इवेंट आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार को 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए, रविवार को 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं और 22 सितंबर को भी नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शी तरीके से अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं के मन में आशंकाएं रहती थीं। भाई-भतीजावाद, सिफारिश, लेनदेन और पेपर लीक जैसी शिकायतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने भर्ती व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। समूह ‘ग’ और ‘घ’ की भर्तियों से साक्षात्कार समाप्त किया गया, ताकि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। अब विज्ञापन से लेकर परीक्षा, नियुक्ति, प्रशिक्षण और तैनाती तक अभ्यर्थी को किसी सिफारिश की जरूरत नहीं है। चयन योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को प्रदेश में सरकारी सेवा का अवसर मिल चुका है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग काम नहीं कर पाए, वे हमेशा बोलते रहेंगे। विपक्ष गिनता जाए और सरकार नियुक्तियां देती जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भर्ती व्यवस्था में बदलाव के साथ युवाओं का सरकारी सेवाओं के प्रति भरोसा बढ़ा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पुलिस बल को मजबूत करने के साथ प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक पर भी जोर दिया है। प्रदेश में पुलिसकर्मियों की प्रशिक्षण क्षमता करीब छह हजार से बढ़कर 60 हजार से अधिक हो गई है। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या भी 44 हजार से अधिक हो चुकी है और मौजूदा भर्ती प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस साल के अंत तक यह संख्या 50 हजार तक पहुंचने की उम्मीद है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर रेंज में फॉरेंसिक लैब, सात शहरों में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था और सभी जिलों में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क भी बनाई गई है। साथ ही यूपी एसएसएफ और एसडीआरएफ के गठन के अलावा पीएसी की समाप्त कंपनियों को फिर से गठित किया गया है।

पुलिसकर्मियों के लिए बैरक और आवासीय सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है।पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि वर्तमान में करीब 35 हजार पदों पर सीधी भर्ती और 9,457 पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि चयनित 912 अभ्यर्थियों का आधारभूत प्रशिक्षण छह अक्टूबर से शुरू होगा। छह महीने के संस्थागत और तीन महीने के व्यावहारिक प्रशिक्षण के बाद उन्हें तैनाती दी जाएगी।वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस सेवा में कर्तव्य को अधिकार से पहले रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं को नौकरी मिलने के बाद अहंकार से बचने और जिम्मेदारी के साथ सेवा करने की सलाह दी। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और नवचयनित अभ्यर्थी मौजूद रहे।

स्रोत: Filmitics

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