पटना के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह में रविवार को बिहार की सामाजिक एकता के साथ-साथ गठबंधन की राजनीति का संदेश भी साफ दिखाई दिया। मंच पर…
पटना के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह में रविवार को बिहार की सामाजिक एकता के साथ-साथ गठबंधन की राजनीति का संदेश भी साफ दिखाई दिया। मंच पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में नेताओं के संबोधन के दौरान एकजुटता और साथ मिलकर आगे बढ़ने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में उपेंद्र कुशवाहा ने सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा, “हम एक हैं तो सेफ हैं, बंटेंगे तो कटेंगे।” उन्होंने कहा कि समाज में किसी तरह के मतभेद हों तो उन्हें टकराव के बजाय बातचीत के जरिए दूर किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक आपसी भाईचारे और एकजुटता के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।कुशवाहा के इस बयान के बाद कार्यक्रम का राजनीतिक संदेश भी चर्चा में आ गया। हालांकि उनका संबोधन सामाजिक एकता पर केंद्रित था, लेकिन जिस मंच पर NDA से जुड़े प्रमुख नेता मौजूद थे, वहां गठबंधन के भीतर एकजुटता का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया।
कुशवाहा के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने NDA के पांच सहयोगी दलों को ‘पांच पांडव’ की संज्ञा दी। उन्होंने BJP, JD(U), LJP (रामविलास), RLM और HAM का जिक्र करते हुए गठबंधन की एकजुटता को चुनावी आंकड़ों से जोड़कर समझाया। सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में 2010, 2020 और 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के आंकड़ों का हवाला दिया। उनके मुताबिक 2010 में गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने पर NDA ने 243 में से 206 सीटें जीती थीं। वहीं 2020 में सहयोगियों के अलग-अलग रास्तों का जिक्र करते हुए उन्होंने NDA के आंकड़े को 127 सीटों से जोड़ा। 2025 में पांचों सहयोगी दलों के साथ आने के बाद उन्होंने गठबंधन के 200 से अधिक सीटों तक पहुंचने का उल्लेख किया।
सम्राट चौधरी का ‘पांच पांडव’ वाला संदर्भ किसी नए संगठन या मोर्चे का नाम नहीं था, बल्कि पांच सहयोगी दलों की एकजुटता को समझाने के लिए इस्तेमाल किया गया राजनीतिक रूपक था। कार्यक्रम में उन्होंने पांच उंगलियों का उदाहरण देते हुए भी कहा कि अलग-अलग होने पर उनकी ताकत सीमित होती है, लेकिन मिलकर वे मुट्ठी का रूप लेती हैं। इस पूरे आयोजन से एक बात स्पष्ट तौर पर सामने आई कि मंच से सामाजिक एकता और राजनीतिक गठबंधन—दोनों को साथ जोड़कर संदेश दिया गया। एक तरफ उपेंद्र कुशवाहा ने मतभेदों को बातचीत से सुलझाने और एकजुट रहने की बात कही, तो दूसरी तरफ सम्राट चौधरी ने NDA के पांच सहयोगियों की एकजुटता को चुनावी आंकड़ों के संदर्भ में रखा।पटना के इस मंच से सामने आया संदेश फिलहाल एकता और साथ मिलकर काम करने पर केंद्रित रहा। ‘पांच पांडव’ का रूपक भी इसी राजनीतिक संदेश को रेखांकित करता नजर आया।
रश्मि सिंह एक अनुभवी पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें हिंदी पत्रकारिता, न्यूज़ रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया का व्यापक अनुभव है। उन्होंने मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है और अपने पत्रकारिता करियर में कई बड़े मीडिया संस्थानों और न्यूज़ चैनलों के साथ काम किया है।राजनीति, जनसरोकार, उत्तर प्रदेश की सियासत और समसामयिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है। खबरों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों के लिए रोचक अंदाज में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है। डिजिटल पत्रकारिता के बदलते दौर में रश्मि सिंह का प्रयास है कि पाठकों तक तेज, विश्वसनीय और आसान भाषा में तथ्य आधारित खबरें पहुंचें।






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