मुंबई के काळाचौकी इलाके में गणेशोत्सव के दौरान देर रात बड़ा हादसा हो गया. महागणपति पंडाल के बाहर अचानक करंट फैलने से कई लोग इसकी चपेट में आ गए. शुरुआती जानकारी…
मुंबई के काळाचौकी इलाके में गणेशोत्सव के दौरान देर रात बड़ा हादसा हो गया. महागणपति पंडाल के बाहर अचानक करंट फैलने से कई लोग इसकी चपेट में आ गए. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे में पांच बच्चे और किशोर करंट की चपेट में आए थे. इनमें 8 साल की बच्ची रागिनी यादव की मौत हो गई, जबकि कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. बाद में इलाज के दौरान ग्लोबल अस्पताल में भर्ती एक महिला की भी मौत की जानकारी सामने आई. महिला की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है
मुंबई फायर ब्रिगेड के मुताबिक, घटना रात करीब 2 बजे की है. उस समय गणपति पंडाल के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ मौजूद थी. अचानक बिजली का करंट फैलने से दो लड़के और तीन लड़कियां इसकी चपेट में आ गए. हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को भायखला स्थित मसीना अस्पताल ले जाया गया. यहां डॉक्टरों ने 8 साल की रागिनी को मृत घोषित कर दिया। एक घायल लड़की की हालत गंभीर होने पर उसे परेल के ग्लोबल अस्पताल रेफर किया गया
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: An 8-year-old girl died after an electric shock near the Kalachowki Mahaganpati pandal.Kismati Yadav, a relative of the deceased, says, "We arrived around 2 am and joined the queue; the accident happened at 2:40 am. Seeing the heavy crowd, we… pic.twitter.com/frcri2oh3F
मसीना अस्पताल में भर्ती तीन घायलों की हालत गंभीर बताई गई और उन्हें ICU में रखा गया. अस्पताल में 19 वर्षीय किरण अकबर नाइक, 19 वर्षीय तन्वी नरश हांडे, 19 वर्षीय साहिल संदीप तारे और 12 वर्षीय रूही सिंह का भी इलाज चल रहा है. वहीं, ग्लोबल अस्पताल में भर्ती महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के बाद महिला की हालत बिगड़ गई थी. डॉक्टरों की कोशिश के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी
मृतक बच्ची रागिनी यादव की मौसी किस्मती यादव ने हादसे के बाद पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि वह बच्चों के साथ गणपति पंडाल में दर्शन के लिए पहुंची थीं, लेकिन भीड़ ज्यादा होने के कारण वे वापस लौटने की सोच रहे थे. किस्मती यादव के मुताबिक, रात करीब 2:40 बजे वे पंडाल के पास एक दुकान के बाहर खड़े थे. इसी दौरान तिरपाल खींचे जाने पर पानी और बिजली का तार नीचे गिर गया. इसके बाद वहां करंट फैल गया और कई बच्चे इसकी चपेट में आ गए. उन्होंने बताया कि उनके दो बच्चों को भी करंट लगा. आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बच्चों को तार से अलग किया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया
रागिनी की मौसी ने आरोप लगाया कि पंडाल के आसपास बिजली के तारों को लेकर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे. उनका कहना है कि बारिश के कारण आसपास पानी जमा था और ऐसी स्थिति में खुले या असुरक्षित बिजली के तार बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में पहुंचते हैं. ऐसे में आयोजकों को भीड़ और बिजली से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखते हुए पहले से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए थी. परिजन चाहते हैं कि इस घटना की जिम्मेदारी तय की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी दूसरे परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े
हादसे की जानकारी मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, BEST और नगर निगम के संबंधित वार्ड कार्यालय की टीमें मौके पर पहुंचीं. अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और स्थिति को नियंत्रित किया. गणेशोत्सव के दौरान लालबाग और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में हादसे के बाद कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। प्रशासन की टीमें घटना से जुड़े सुरक्षा पहलुओं की जांच में जुटी हैं




