कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं और कुछ स्वतंत्र पत्रकारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने ACP विवेक भगत की शिकायत पर पार्टी के नेताओं और स्वतंत्र प…
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं और कुछ स्वतंत्र पत्रकारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने ACP विवेक भगत की शिकायत पर पार्टी के नेताओं और स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है वहीं, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में CJP के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, इस घटनाक्रम के बाद CJP ने दोनों नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च निकालने का ऐलान किया है।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के कनॉट प्लेस सब-डिवीजन के ACP विवेक भगत की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। FIR में CJP के अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह के अलावा स्वतंत्र पत्रकार रोजी और गजेंद्र सिंह को नामजद किया गया है, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ACP के खिलाफ अपमानजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया हालांकि, ये आरोप हैं और मामले में दोष या जिम्मेदारी का निर्धारण जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
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इस बीच, जंतर-मंतर पर प्रतिबंध के बावजूद प्रवेश करने और सुरक्षा घेरा तोड़ने से जुड़े मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, दोनों को तिहाड़ जेल ले जाया गया है, उनकी गिरफ्तारी के बाद CJP ने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर तिरंगा मार्च की जानकारी दी।
CJP ने 16 अक्टूबर को शाम पांच बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च के लिए लोगों से जुटने की अपील की है, अभिजीत दीपके ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, उन्होंने उन लोगों से भी अपने-अपने शहरों में तिरंगा फहराने का आग्रह किया, जो दिल्ली नहीं पहुंच सकते, दीपके ने अपने संदेश में कहा कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि इस अपील के कारण उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। उन्होंने तिरंगा फहराने के अपने इरादे को दोहराया।
इससे पहले नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया था, उन्होंने कहा था कि अगर सरकार आपातकाल लगाना चाहती है, तो उसे आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा करनी चाहिए, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ INDIA गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपके ने कहा कि CJP एक स्वतंत्र समूह है और आगे भी स्वतंत्र रहेगा, उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वतंत्र रहने का मतलब INDIA गठबंधन के खिलाफ होना नहीं है, दीपके के मुताबिक, CJP और INDIA गठबंधन अलग-अलग समूह हैं, लेकिन कुछ मुद्दों पर उनका आंदोलन का उद्देश्य समान हो सकता है।
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भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे के उस दावे पर भी अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें हाल के विरोध प्रदर्शनों को विदेश से आर्थिक मदद मिलने की बात कही गई थी, दीपके ने साल्वे से अनुरोध किया कि यदि उनके पास विदेशी फंडिंग से जुड़े सबूत हैं, तो वे उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंपें, उन्होंने यह भी दावा किया कि गृह मंत्रालय इस तरह की फंडिंग को साबित नहीं कर सका है, यह दीपके का पक्ष है; विदेशी फंडिंग से जुड़े दावों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र साक्ष्य आवश्यक हैं।
CJP नेताओं के खिलाफ FIR, दो नेताओं की न्यायिक हिरासत और तिरंगा मार्च के ऐलान के बाद मामला चर्चा में है, अब एक ओर पुलिस जांच की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी, वहीं दूसरी ओर 16 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च को लेकर भी ध्यान बना हुआ है फिलहाल, FIR में लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।






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