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3 लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत के साथ-साथ बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद और सहारनपुर से नेता इमरान मसूद ने कहा है कि दोनों दलों के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है, लेकिन सीटों को लेकर फैसला जल्द होना चाहिए।इमरान मसूद ने कांग्रेस की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि देश में इस समय राहुल गांधी के पक्ष में माहौल है। उन्होंने सपा से अपील की कि सीटों के बंटवारे पर फैसला लेते समय कांग्रेस की बदली हुई राजनीतिक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाए।
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कांग्रेस सांसद ने कहा कि कांग्रेस अब वह पार्टी नहीं है जो 2017 में थी। पिछले दस वर्षों में पार्टी के भीतर काफी बदलाव आया है और अब यह 2027 के चुनाव को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि यूपी चुनाव में अखिलेश यादव विपक्षी गठबंधन का प्रमुख चेहरा बने रहें, लेकिन सीटों के बंटवारे में कांग्रेस के सम्मान का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। मसूद के मुताबिक, दोनों पार्टियां सम्मान के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी तो गठबंधन के साथ-साथ दोनों दलों को फायदा होगा।
सीटों के मुद्दे पर इमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी जमीन और संगठन को मजबूत रखने के लिए चुनावी मैदान में पर्याप्त हिस्सेदारी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि कितनी सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी, इसका अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। मसूद के मुताबिक, सपा यदि कांग्रेस को जीतने की संभावना वाली सीटें देती है तो पार्टी गठबंधन के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।
जीतने वाली सीट का फैसला पहले से संभव नहीं
इमरान मसूद ने सीटों को लेकर कहा कि किसी भी सीट पर जीत की गारंटी पहले से कोई नहीं दे सकता। उनके मुताबिक, चुनाव में कौन सी सीट किस पार्टी के लिए कितनी मजबूत है, इसका आकलन राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर किया जाता है। उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। मसूद ने आरोप लगाया कि चुनाव में जीत का प्रमाण देने का अधिकार किसी राजनीतिक दल के पास नहीं है और यह दावा करना उचित नहीं कि पहले से ही किसी सीट का नतीजा तय है।
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर बातचीत अहम दौर में पहुंच गई है। इससे पहले यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि पार्टी 150 से कम सीटों पर चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं है। वहीं, कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक स्तर पर भी बदलाव किए हैं। पार्टी ने अजय राय की जगह आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की जिम्मेदारी दी है। इसके साथ ही इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब सबकी नजर सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के अंतिम बंटवारे पर है। दोनों दल किस फॉर्मूले पर सहमति बनाते हैं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
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