लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इस सूची में पार्टी ने उत्तर प्रदेश भाजपा की प्रदेश…
लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इस सूची में पार्टी ने उत्तर प्रदेश भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष और बाराबंकी की पूर्व लोकसभा सांसद प्रियंका सिंह रावत को अपना उम्मीदवार बनाया है। संगठन के प्रति उनकी निरंतर सक्रियता और वफादारी को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) भेजने का फैसला किया है।
2014 में पीएल पुनिया को हराकर रचा था इतिहास
प्रियंका सिंह रावत उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा का एक मजबूत और युवा दलित चेहरा मानी जाती हैं। उन्होंने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बाराबंकी संसदीय सीट से महज 28 वर्ष की उम्र में चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया था। उस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता और अनुसूचित जाति आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष पी.एल. पुनिया को 2 लाख 11 हजार से अधिक वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी थी।
टिकट कटने के बाद भी संगठन में रहीं सक्रिय
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बाराबंकी सीट से प्रियंका सिंह रावत की जगह उपेंद्र सिंह रावत को चुनावी मैदान में उतारा था। टिकट कटने के बावजूद प्रियंका रावत ने पार्टी से नाराजगी नहीं जताई और संगठन के कार्यों में पूरी निष्ठा से जुटी रहीं। वे उत्तर प्रदेश भाजपा में प्रदेश महामंत्री जैसी अहम जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं और वर्तमान में भाजपा उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में काम कर रही हैं।
उच्च शिक्षित और प्रशासनिक पृष्ठभूमि
7 अगस्त 1985 को जन्मी प्रियंका सिंह रावत के पिता उत्तम राम सिंह एक सेवानिवृत्त पीसीएस (PCS) अधिकारी हैं। प्रियंका रावत ने राजनीति विज्ञान (Political Science) में एम.ए. करने के साथ-साथ मास कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। उनकी इसी साफ-सुथरी छवि, वाकपटुता और सांगठनिक क्षमता को देखते हुए भाजपा आलाकमान ने उन्हें राज्यसभा का टिकट देकर पुरस्कृत किया है।






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