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6 उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक और कारोबारी साख का नया प्रतीक बनकर उभरा है। ट्रेड शो ने प्रदेश के उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और बुनकरों को देश-विदेश के खरीदारों से जोड़ते हुए यूपी के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए मजबूत मंच उपलब्ध कराया है। यह बात सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने यूपीआईटीएस के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कही।भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि ट्रेड शो का समापन प्रदेश के उद्यमियों के लिए नए अवसरों की शुरुआत है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान और मुख्यमंत्री युवा योजना जैसी योजनाएं प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को गति दे रही हैं। उन्होंने कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति, बेहतर कानून-व्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम और उद्योगों के अनुकूल नीतियों से उत्तर प्रदेश को उद्यम प्रदेश के रूप में स्थापित करने में मदद मिली है।

एमएसएमई मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से प्रदेश की कई योजनाएं दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल बनी हैं। उन्होंने कहा कि बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में उत्तर प्रदेश लगातार ‘टॉप एचीवर’ के रूप में सामने आया है। पिछले नौ वर्षों में झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ और आगरा में डिफेंस कॉरिडोर के जरिए रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिला है, जबकि ग्रेटर नोएडा डेटा सेंटर हब के रूप में तेजी से उभर रहा है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को बिना गारंटी और बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया गया है। वहीं अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिली है। भूपेंद्र चौधरी ने ट्रेड शो में शामिल पार्टनर देशों वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रेलिया और बेलारूस के प्रतिनिधियों के साथ देश-विदेश से आए बिजनेस लीडर्स, उद्यमियों, निर्यातकों और कारीगरों के प्रति आभार जताया।

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि यूपीआईटीएस-2026 प्रदेश की नई आर्थिक पहचान और उद्यमशीलता का उत्सव है। चार वर्ष पहले शुरू हुआ यह आयोजन प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और बुनकरों के उत्पादों को घरेलू बाजार से वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।उन्होंने कहा कि इस वर्ष ट्रेड शो में 90 देशों के 600 से अधिक विदेशी खरीदारों ने हिस्सा लिया। जापान, रूस, वियतनाम, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल हुए। इससे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, पारंपरिक उत्पादों और कारोबारी संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला।नंदी ने कहा कि यूपीआईटीएस में बनारस की साड़ी, मुरादाबाद का पीतल, भदोही का कालीन और लखनऊ की चिकनकारी समेत प्रदेश की पारंपरिक कला और शिल्प को आधुनिक बाजार, तकनीक और ब्रांडिंग से जोड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी और निवेश अनुकूल वातावरण से प्रदेश में उद्योगों के लिए नई संभावनाएं बनी हैं।

औद्योगिक विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग, हस्तशिल्प और निर्यात की महत्वपूर्ण भूमिका है। यूपीआईटीएस इन क्षेत्रों की क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने तथा उत्तर प्रदेश के हुनर और उत्पादों को नई पहचान देने का प्रभावी मंच बन रहा है।

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