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3 नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद नारायणी नदी में अचानक बढ़े जलस्तर से कुशीनगर में एपी तटबंध के कुछ हिस्से के टूटने से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की श्रद्धांजलि सभा के बाद मुख्यमंत्री ने कुशीनगर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनका दुख-दर्द साझा किया।
मुख्यमंत्री ने ऊंचे स्थानों पर शरण लिए ग्रामीणों के बीच पहुंचकर लंच पैकेट और बच्चों को चॉकलेट वितरित की। इसके बाद सेवरही क्षेत्र के इंटर कॉलेज बेदुपार में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ उनके साथ खड़ी है।सीएम योगी ने बताया कि सामान्य दिनों में नारायणी नदी में तीन से चार लाख क्यूसेक पानी आता है, लेकिन नेपाल में अतिवृष्टि के कारण सोमवार को अचानक करीब साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी आने से एपी तटबंध से सटे कई गांवों में पानी पहुंच गया। स्थिति की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया।मुख्यमंत्री के मुताबिक, राहत एवं बचाव कार्य में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमें तथा पीएसी की फ्लड यूनिट तैनात की गई है। प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में जुटे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए 5,000 राहत पैकेट की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक पैकेट में चावल, आटा, दाल, आलू, लाई, चना, तेल, मसाला, नमक, बाल्टी समेत कुल 35 सामग्री शामिल हैं और इसका कुल वजन करीब 50 किलो है।उन्होंने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को तत्काल चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नया आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, मरम्मत योग्य मकानों के लिए भी आवश्यक आर्थिक सहायता दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 15-16 गांवों में धान, गन्ना और सब्जियों समेत फसलों को नुकसान होने की आशंका है। प्रशासन को सर्वे कराकर 10 दिनों के भीतर प्रभावित किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने के साथ ही एपी तटबंध को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।सीएम योगी ने जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए अगले पांच से छह दिनों तक क्षेत्र में लगातार मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए। सभी पीएचसी और सीएचसी पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का जीवन सरकार के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने जलशक्ति मंत्री और सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिया कि स्थिति सामान्य होने के बाद नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन का काम कराया जाए। इससे नदी का प्रवाह व्यवस्थित करने और भविष्य में तटबंध तथा आसपास के गांवों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।इस दौरान जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, देवरिया सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, कुशीनगर सांसद विजय दूबे, विधायक डॉ. असीम कुमार, सुरेंद्र चौरसिया समेत प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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