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3 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद आए बदलाव और तकनीकी क्षेत्र में हुई प्रगति को सामने रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी तकनीक के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहने वाला उत्तर प्रदेश आज तकनीक का निर्माता बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले साढ़े नौ वर्षों में देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है। जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की लागत से HCL-Foxconn की चिप इकाई स्थापित की जा रही है। प्रदेश में 644 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर के प्रस्ताव आ चुके हैं, जबकि स्टार्टअप इकोसिस्टम भी तेजी से विस्तार कर रहा है। उत्तर प्रदेश में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न मौजूद हैं। सीएम ने इसे मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंचती विकास यात्रा बताया।योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की असीम संभावनाओं का पहले अपेक्षित उपयोग नहीं किया गया और प्रदेश को ‘बीमारू’ की छवि से बाहर नहीं निकाला जा सका। उन्होंने कहा कि उस दौर में परिवारवाद को विकास, सैफई महोत्सव को सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण को औद्योगिकीकरण का मॉडल बना दिया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए अनुकूल वातावरण कैसे तैयार हो सकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार ने विकास की प्राथमिकताओं को बदला है। परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता दी गई। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण बढ़ने के साथ डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ी और अब उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से लेकर एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है।उन्होंने बताया कि ‘एआई-प्रज्ञा’ के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम युवाओं को नौकरी तलाशने वालों से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बनाने में भी मदद कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, लेकिन अब वह तकनीक का निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। असेंबली से एआई तक की यह यात्रा केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी क्रम में लखनऊ में मंगलवार को HCL Tech की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वह शामिल होंगे। इस दौरान HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प के साथ तकनीक, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में यह ‘नए उत्तर प्रदेश’ की नई उड़ान है।

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