अखिलेश यादव की साइकिल को एक साथ तीन झटके लगने जा रहे हैं! जिस समाजवादी पार्टी के दम पर विधायक बने, अब उसी पार्टी से बगावत के बाद तीन विधायक बीजेपी का कमल थामने…
अखिलेश यादव की साइकिल को एक साथ तीन झटके लगने जा रहे हैं! जिस समाजवादी पार्टी के दम पर विधायक बने, अब उसी पार्टी से बगावत के बाद तीन विधायक बीजेपी का कमल थामने जा रहे हैं! सियासी पिच पर अखिलेश यादव को चुनौती देने के लिए बीजेपी ने ऐसा दांव चला है, जिसने यूपी की राजनीति में हलचल तेज कर दी है! सबसे बड़ा नाम है राकेश प्रताप सिंह का तीन बार सपा के टिकट पर विधायक बने, लेकिन रामचरितमानस विवाद से लेकर स्मृति ईरानी के समर्थन तक, हर मोड़ पर अखिलेश यादव की लाइन से अलग खड़े नजर आए! आखिरकार सपा ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। अब वही राकेश प्रताप सिंह बीजेपी के पाले में जाने जा रहे हैं!उनके साथ गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह और कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी भी बीजेपी की सदस्यता लेंगे।
लेकिन सवाल सिर्फ तीन विधायकों के पाला बदलने का नहीं है! सवाल है क्या अखिलेश यादव के सियासी कुनबे में सेंध लग रही है? क्या बीजेपी 2027 के चुनाव से पहले विपक्ष के समीकरण बिगाड़ने में जुट गई है? और क्या इन तीन चेहरों की एंट्री से अमेठी से लेकर अवध तक नई सियासी बिसात बिछेगी?
वही आज सदस्यता कार्यक्रम में स्मृति ईरानी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेताओं के मौजूद रहने की जानकारी है।वही अब राकेश प्रताप सिंह खुलकर कह रहे हैं कि वह राष्ट्र और राम के लिए बीजेपी का साथ देने जा रहे हैं!तो क्या अखिलेश यादव के लिए यह महज तीन विधायकों का जाना है, या पार्टी के भीतर असंतोष का बड़ा संकेत? क्या बीजेपी इस एंट्री से अमेठी और आसपास के इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी?तीन विधायक, एक बड़ा सियासी संदेश और 2027 की आहटअब देखना होगा कि इस दांव का असर किसकी राजनीति पर पड़ता है!






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