कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने शुक्रवार को फिर से कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन किया…
कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने शुक्रवार को फिर से कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा. फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि वे इस आंदोलन को शहर-शहर में लेकर जाएंगे. गुरुवार को CJP ने ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे की डेडलाइन दी थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि एसआईआर के जरिए देश में 13 करोड़ से अधिक वोट डिलीट किए गए हैं. दीपके ने आरोप लगाया कि CEC ने लोगों से वोट देने का अधिकार छीना है
इसके अलावा, महाराष्ट्र की वोट लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट ने दो याचिकाएं दायर की थीं, जिनमें SIR की वैधता, लागू करने के तरीके और प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. याचिकाकर्ता का दावा है कि 2 चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बाद भी मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार ने SIR से जुड़े 14 आदेश जारी किए हैं. आदेशों को रद्द करने और दर्ज आपत्तियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई है
पहली याचिका: महाराष्ट्र के चार वोटर्स ने वकील असीम सरोदे के जरिए याचिका दायर की, जिसमें SIR के तहत जारी 14 आदेश रद्द करने, हटाए गए वोटर्स के नाम वापस जोड़ने और नाम हटाने की जांच के लिए स्वतंत्र न्यायिक समिति बनाने की मांग की गई है. याचिका में मांग की गई है कि SIR के फैसले, बूथ से जुड़े नियम, ECI-NET की तकनीकी जानकारी सार्वजनिक की जाए. याचिका में मांग की गई है कि नई वोटर लिस्ट तैयार होने तक विधानसभा चुनाव रोकने की मांग की गई है
दूसरी याचिका: मुंबई के रहने वाले दो लोगों ने वकील हितेंद्र गांधी के जरिए याचिका दायर की है, जिसमें ASDD वोटर्स के नाम हटाने की प्रक्रिया और SIR के दौरान दस्तावेज जमा करने के नियमों पर सवाल उठाए गए हैं. याचिका में SIR और ASDD से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने, अप्रैल 2026 में दिए गए प्रतिनिधित्व पर कार्रवाई करने और महाराष्ट्र से जुड़े SIR के निर्देश रद्द करने की मांग की गई है
दरअसल, 23 सितंबर को द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में SIR को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की है, जिसमें 4 आपत्तियां एक ही दिन की थीं. हालांकि, चुनाव आयोग ने इमनन दावों पर सफाई पेश करते हुए कहा कि यह आपत्तियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं. एसआईआर सहित सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से ही लिए गए हैं
एक दिन पहले कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें राहुल ने कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश ने वोट चोरी की है. वे देशद्रोही हैं. उनकी नियुक्ति का मैंने विरोध किया था लेकिन फिर भी सरकार ने मेरी बात नहीं सुनी. संभावना है कि एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो यह छह महीने के अंदर दूसरी बार होगा. इससे पहले अप्रैल में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था, जो लोकसभा में खारिज हो गया था
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने शिकायत दर्ज कराई. महुआ का आरोप है कि ज्ञानेश ने मतदाता सूची में नियमों के खिलाफ बदलाव किए हैं और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए हैं





टिप्पणियाँ 0