कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो करीब 40 साल से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। 1986 में मुकदमा दर्ज होने के…

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो करीब 40 साल से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। 1986 में मुकदमा दर्ज होने के बाद जमानत पर बाहर आया आरोपी अदालत में पेश नहीं हुआ और फरार हो गया। इसके बाद उसने अपनी पहचान बदल ली और साधु का भेष धारण कर बरेली के एक आश्रम में रहने लगा। पुलिस को उसकी तलाश थी, लेकिन चार दशक तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार सोशल मीडिया और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने आरोपी का ठिकाना खोज निकाला।फजलगंज पुलिस ने बरेली के एक आश्रम से रामप्रकाश उर्फ ‘पागल बाबा’ को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पिछले करीब चार दशकों से अलग पहचान के साथ रह रहा था। बरेली पहुंचने के बाद उसने साधु का रूप धारण कर लिया और वहां ‘पागल बाबा’ और ‘पागल दास बाबा’ के नाम से रहने लगा।

पुलिस के अनुसार, वर्ष 1986 में फजलगंज थाने में रामप्रकाश के खिलाफ चोरी, लूट और हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी गिरफ्तार हुआ और बाद में जमानत पर जेल से बाहर आया। लेकिन जमानत मिलने के बाद वह अदालत में पेश नहीं हुआ और फरार हो गया।इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। समय बीतता गया और रामप्रकाश ने अपनी पहचान बदलकर पुलिस से बचने का रास्ता चुन लिया। वह बरेली पहुंचा और साधु के भेष में आश्रम में रहने लगा।

करीब 40 साल पुराने मामले को लेकर पुलिस ने एक बार फिर आरोपी की तलाश तेज की। जांच के दौरान पुलिस ने उसके पुराने रिकॉर्ड के साथ-साथ उसके मूल गांव कन्नौज से जुड़े लोगों और संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।इसी दौरान पुलिस को रामप्रकाश से जुड़ा एक Facebook अकाउंट हाथ लगा। सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच के बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकाने को लेकर जानकारी जुटाई। इसके बाद सर्विलांस की मदद से संदिग्ध की लोकेशन ट्रेस की गई।

पुलिस को आरोपी की लोकेशन बरेली के गजनेरा गांव के पास एक आश्रम के आसपास मिली। इसके बाद फजलगंज पुलिस की टीम ने वहां पहुंचकर जांच की।आश्रम में पुलिस को एक साधु मिला, जो अपनी पहचान ‘पागल बाबा’ के रूप में बता रहा था। पुलिस ने जब उसकी पहचान और पुराने रिकॉर्ड का मिलान किया तो सामने आया कि साधु के भेष में रह रहा व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि करीब 40 साल से फरार चल रहा रामप्रकाश ही है।इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

रामप्रकाश ने पुलिस से बचने के लिए चार दशक तक अपनी पहचान और जीवनशैली बदलकर रखी। साधु का भेष धारण कर वह आश्रम में रहने लगा और ‘पागल बाबा’ के नाम से पहचाना जाने लगा। पुलिस के मुताबिक, इतने लंबे समय तक फरार रहने के बावजूद उसका सोशल मीडिया अकाउंट जांच एजेंसियों के लिए अहम सुराग साबित हुआ।अब फजलगंज पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान रामप्रकाश कहां-कहां रहा और क्या वह किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा।चार दशक तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा आरोपी आखिरकार Facebook प्रोफाइल और सर्विलांस की तकनीकी मदद से पुलिस के शिकंजे में आ गया।

रश्मि सिंह एक अनुभवी पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें हिंदी पत्रकारिता, न्यूज़ रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया का व्यापक अनुभव है। उन्होंने मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है और अपने पत्रकारिता करियर में कई बड़े मीडिया संस्थानों और न्यूज़ चैनलों के साथ काम किया है।राजनीति, जनसरोकार, उत्तर प्रदेश की सियासत और समसामयिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है। खबरों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों के लिए रोचक अंदाज में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है। डिजिटल पत्रकारिता के बदलते दौर में रश्मि सिंह का प्रयास है कि पाठकों तक तेज, विश्वसनीय और आसान भाषा में तथ्य आधारित खबरें पहुंचें।