मथुरा-वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद लगातार नए वीडियो सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इन…
मथुरा-वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद लगातार नए वीडियो सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इन वीडियो को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें रसिक दुलारी सीढ़ियों के रास्ते छत की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।बताया जा रहा है कि यह वीडियो घटना से कुछ समय पहले का है। वीडियो में वह काफी धीमी गति से सीढ़ियां चढ़ते नजर आ रहे हैं। उनके हाथ में पीले रंग का कपड़ा दिखाई देता है और माथे पर सफेद चंदन का टीका लगा है। उनकी सफेद धोती पर खून जैसे धब्बे भी दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इन दृश्यों की परिस्थितियों और वीडियो के समय की स्वतंत्र पुष्टि जांच का विषय है।
बताया गया है कि 25 सितंबर को रसिक दुलारी की आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से अत्यधिक रक्तस्राव को मौत की वजह बताया गया है।रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि मृतक के शरीर पर गंभीर चोटें थीं और उसके कमरे से एक ग्राइंडर बरामद हुआ था। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और इन दावों की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।मौत के बाद से सोशल मीडिया पर कई तरह के वीडियो और दावे सामने आए हैं। इन्हीं दावों के बीच अब आश्रम की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
श्रीहित राधा केलि कुंज ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 25 सितंबर की घटना से प्रेमानंद महाराज और पूरा परिकर बेहद दुखी और आहत है। ट्रस्ट ने मृतक साधक के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग किया जा रहा है।आश्रम की ओर से श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की गई है कि पुलिस जांच पूरी होने तक अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान के आधार पर किसी तरह का निष्कर्ष न निकाला जाए।
विवाद के बीच कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य ने भी प्रेमानंद महाराज के समर्थन में बयान दिया है। उन्होंने अपने कथित बयान में कहा कि कुछ लोग पूरी जानकारी के बिना सिर्फ व्यूज और टीआरपी के लिए खुद ही जज बन जाते हैं और फैसला सुनाने लगते हैं।वहीं, इससे पहले ब्रज संत महिमा की ओर से भी एक पत्र जारी कर सोशल मीडिया और मीडिया में चल रहे कथित भ्रामक कंटेंट पर आपत्ति जताई गई थी।
इसी बीच मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग को पत्र लिखकर आश्रम में रहने वाले नाबालिगों की सुरक्षा और उनसे जुड़े मामलों की जांच की मांग की है।पत्र में आश्रम में नाबालिगों के रहने को लेकर चिंता जताई गई और उनकी सुरक्षा तथा जवाबदेही से जुड़े सवाल उठाए गए हैं। यह फिलहाल एक शिकायत और मांग के रूप में सामने आया है; इस पर किसी जांच के निष्कर्ष को तथ्य के रूप में पेश करना जल्दबाजी होगी।
रसिक दुलारी की मौत को लेकर सामने आ रहे वीडियो, सोशल मीडिया दावे और अलग-अलग प्रतिक्रियाओं के बीच सबसे अहम सवाल अब भी यही है कि 25 सितंबर की रात आखिर आश्रम में क्या हुआ था?फिलहाल पुलिस जांच जारी है। इसलिए किसी भी वायरल वीडियो, सोशल मीडिया दावे या आरोप को अंतिम सच मानना उचित नहीं होगा।अब निगाहें जांच के नतीजे पर हैं, जो यह स्पष्ट कर सकता है कि रसिक दुलारी की मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और इस पूरे मामले में सामने आए सवालों का जवाब क्या है।
रश्मि सिंह एक अनुभवी पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें हिंदी पत्रकारिता, न्यूज़ रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया का व्यापक अनुभव है। उन्होंने मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है और अपने पत्रकारिता करियर में कई बड़े मीडिया संस्थानों और न्यूज़ चैनलों के साथ काम किया है।राजनीति, जनसरोकार, उत्तर प्रदेश की सियासत और समसामयिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है। खबरों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों के लिए रोचक अंदाज में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है। डिजिटल पत्रकारिता के बदलते दौर में रश्मि सिंह का प्रयास है कि पाठकों तक तेज, विश्वसनीय और आसान भाषा में तथ्य आधारित खबरें पहुंचें।






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