ग्रेटर नोएडा, 25 सितंबर। उत्तर प्रदेश के पारंपरिक हुनर, स्थानीय उत्पादों और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में दुनिया के सामने नजर आई।…
ग्रेटर नोएडा, 25 सितंबर। उत्तर प्रदेश के पारंपरिक हुनर, स्थानीय उत्पादों और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में दुनिया के सामने नजर आई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) पोर्टल भी लॉन्च किया। यूपीआईटीएस में इस बार 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं, जबकि 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों के साथ शामिल हुए हैं। आयोजन में करीब डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के पहुंचने की संभावना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और यहां के उद्यमियों की विश्वसनीयता पर आज पूरी दुनिया भरोसा कर रही है। प्रदेश वर्तमान में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। पिछले वर्ष 72 देशों के 550 बायर्स शामिल हुए थे, जबकि इस बार 90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे हैं। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भागीदारी प्रदेश के कारीगरों, युवाओं, एमएसएमई, किसानों और उद्यमियों के उत्पादों के प्रति बढ़ते वैश्विक भरोसे को दर्शाती है।
सीएम योगी ने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसका उदाहरण है, जहां ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी, हेरिटेज और इनोवेशन तथा हुनर और बाजार एक मंच पर दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संभावनाओं की कभी कमी नहीं रही, जरूरत सिर्फ उन्हें पहचानने और सही माहौल देकर बाजार से जोड़ने की थी। वर्ष 2017 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह ने प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की ताकत को पहचानने पर जोर दिया था। सरकार बनने के बाद इसी सोच को ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ यानी ओडीओपी के रूप में आगे बढ़ाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने स्थानीय प्रतिभा और परंपरागत हुनर को आधुनिक तकनीक से जोड़ा। गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप तैयार किया गया। एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे के विस्तार से इन उत्पादों की बड़े बाजारों तक पहुंच भी आसान हुई है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है, जबकि 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की सिल्क साड़ियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की परंपरागत विरासत अब बड़े कारोबार वाले ब्रांड के रूप में पहचान बना रही है।
सीएम योगी ने कहा कि ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। यूपीआईटीएस के जरिए कारीगरों और उद्यमियों को सीधे वैश्विक खरीदारों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। यूपीआईटीएस में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल हैं और इन देशों के विशेष पवेलियन भी लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनकी भागीदारी से द्विपक्षीय व्यापार, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट वेंचर की संभावनाएं बढ़ेंगी।
कार्यक्रम की शुरुआत अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को फिरोजाबाद के ओडीओपी के तहत ओपल ग्लास से बनी राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट की। इसके बाद दोनों नेता ई-कार्ट से ट्रेड शो में पहुंचे और विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने उद्यमियों से उनके उत्पादों और कारोबार से जुड़ी जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में अमित शाह ने ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ ओडीओसी पोर्टल का शुभारंभ किया।
एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुका है। प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। कृषि के बाद एमएसएमई क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि ओडीओपी और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट का लाभ दिया जा चुका है। 14 नए ट्रेड जोड़ने के बाद अब 25 ट्रेड्स में प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट की सुविधा उपलब्ध है। उद्यमियों को बिना ब्याज और गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, भूपेंद्र चौधरी, राकेश सचान, डॉ. संजय निषाद, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, बृजेश सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा, सुरेंद्र नागर, विधायक पंकज सिंह, धीरेंद्र सिंह, तेजपाल नागर, विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा, नरेंद्र भाटी समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जापान के राजदूत ओनो केईची, भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त सायमन वोंग और बेलारूस के राजदूत मिखाइल कास्को समेत विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, विदेशी खरीदार, एग्जीबिटर्स और उद्यमी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।






टिप्पणियाँ 0