मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि हमने तथाकथित सेक्युलर पार्टियों से इस बार यूपी में मुस्लिम मुख्यमंत्री घोषित करने की मांग की है। यह हमारा अधिकार है। उन्होंने भड़क…

'नेहरू से मोदी से तक, मुसलमानों ने हिंदुओं को नेता माना है; UP में मुस्लिम CM हो, मौलाना फरंगी गद्दार है अखिलेश के तलवे...', मौलाना रशीदी का हमला

मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि हमने तथाकथित सेक्युलर पार्टियों से इस बार यूपी में मुस्लिम मुख्यमंत्री घोषित करने की मांग की है। यह हमारा अधिकार है। उन्होंने भड़कते हुए कहा कि अखिलेश यादव के तलवे चाटने वालों हमें नहीं लगता कि हम सांप्रदायिक बातें कर रहे हैं

भारत

Maulana Sajid Rashidi: उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है

मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, 'जंग-ए-आजादी से लेकर अब तक मुसलमानों ने हिंदुओं को अपना नेता माना है। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी से लेकर नरेंद्र मोदी तक। अखिलेश यादव और मायावती समेत तमाम नेता हिंदू हैं। मुसलमान ने कभी कुछ नहीं कहा। मुसलमान ने मुस्लिम लीग पार्टी को इन हिंदू नेताओं के सामने हरा दिया। मुसलमान असदुद्दीन ओवैसी को बढ़ने नहीं दे रहा है। केवल इसलिए कि देश में एक तरफ हिंदू और दूसरी तरफ मुस्लिम न हो जाएं। लेकिन क्या देश के मुसलमानों को यह अधिकार नहीं है कि उन्हें हिस्सेदारी मिले?'

मुस्लिम CM घोषित की मांग जुल्म तो नहीं- रशीदी

उन्होंने आगे कहा, 'हमने तथाकथित सेक्युलर पार्टियों से इस बार आवाज उठाई कि यूपी में इस बार मुस्लिम मुख्यमंत्री घोषित करें। समाजवादी पार्टी जिन्हें हमने पांच बार मुख्यमंत्री बनाया या फिर कांग्रेस पार्टी जिसे हम 65 सालों से वोट देते आ रहे हैं। अगर हमने मांग कर दी तो क्या हमने को जुल्म कर दिया है? मुस्लिम पर्सनल बॉर्ड के अंदर कुछ गद्दार लोग बैठे हैं, जिन्हे ये बात रास नहीं आई। यह नहीं चाहते कि मुसलमान आगे बढ़ें।'

खालिद रशीद फरंगी पर भी भड़के

वे यहीं नहीं रुके, उन्होंने भड़कते हुए कहा, 'मुस्लिम पर्सनल बॉर्ड के भीतर बैठे गद्दार बिल्कुल नहीं चाहते कि कोई मसुलमान प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या गृहमंत्री बने। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ऐसे ही एक गद्दार का नाम है, जो हमारी इस डिमांड पर कहते हैं कि हमें ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए। यह सांप्रदायिक बातें हैं।'

'अखिलेश यादव के तलवे चाटने वालों...'

मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, 'अखिलेश यादव के तलवे चाटने वालों, उन्हें अपना माई-बाप कहने वालों हमें नहीं लगता कि हम सांप्रदायिक बातें कर रहे हैं। हमने सिर्फ अपना अधिकार मांगा है। अखिलेश यादव से पूछे कि क्या उनका ये नारा नहीं है- जितनी जिसकी भागेदारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी? हमारी भागेदारी 20% से अधिक है, यादवों की भागेदारी 8 से 11 प्रतिशत है। फिर कौन से मुंह से आप कह रहे हैं कि हम सांप्रदायिक बातें कर रहे हैं? मौलाना चुप बैठें, अगर ज्यादा उड़ने की कोशिश की तो आपके खिलाफ तहरीक शुरू कर दी जाएगी। मुस्लिम पर्सनल बॉर्ड को बदनाम न करें।'