‘हम दिल दे चुके सनम’ का ‘ढोली तारो ढोल बाजे’ आज भी गरबा प्रेमियों की पसंद बना हुआ है। कविता कृष्णमूर्ति, विनोद राठौड़ और करसन सगाठिया की आवाज में सजा यह गाना फ…
‘हम दिल दे चुके सनम’ का ‘ढोली तारो ढोल बाजे’ आज भी गरबा प्रेमियों की पसंद बना हुआ है। कविता कृष्णमूर्ति, विनोद राठौड़ और करसन सगाठिया की आवाज में सजा यह गाना फिल्म के साथ-साथ गरबा और नवरात्रि की यादों का भी अहम हिस्सा बन चुका है।
नवरात्रि का नाम आते ही गरबा और डांडिया की धुनें लोगों के कदम थिरकाने लगती हैं। बॉलीवुड ने भी कई फिल्मों के जरिए गरबा और गुजरात की संस्कृति को बड़े पर्दे पर खास पहचान दी है। इन्हीं फिल्मों में साल 1999 में आई संजय लीला भंसाली की ‘हम दिल दे चुके सनम’ का नाम सबसे खास तौर पर लिया जाता है। फिल्म का गाना ‘ढोली तारो ढोल बाजे’ आज भी गरबा की महफिलों में खूब सुनाई देता है।
‘ढोली तारो ढोल बाजे’ में सलमान खान और ऐश्वर्या राय बच्चन की जोड़ी ने शानदार डांस परफॉर्मेंस दी थी। गाने की तेज बीट्स, पारंपरिक परिधान और बड़े स्तर पर फिल्माया गया गरबा सीक्वेंस दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ।
गाने को कविता कृष्णमूर्ति, विनोद राठौड़ और करसन सगाठिया ने अपनी आवाज दी थी। संगीत इस्माइल दरबार ने तैयार किया था, जबकि इसके बोल मेहबूब ने लिखे थे। गाने की धुन में गुजराती लोक संगीत और गरबा की ऊर्जा को प्रमुखता से शामिल किया गया था।
‘हम दिल दे चुके सनम’ की कहानी और इसके कई दृश्यों में गुजरात की संस्कृति को प्रमुखता से दिखाया गया था। रंग-बिरंगे पारंपरिक कपड़े, लोक संगीत, गरबा और त्योहारों का माहौल फिल्म की खास पहचान बना।
‘ढोली तारो’ के जरिए भी इसी सांस्कृतिक रंग को बड़े पर्दे पर पेश किया गया। गुजरात सरकार की सांस्कृतिक जानकारी के मुताबिक गरबा और रास गुजरात की पारंपरिक संगीत एवं नृत्य परंपराओं का अहम हिस्सा हैं और नवरात्रि के दौरान इनका खास महत्व रहता है।
गाने की कोरियोग्राफी वैभवी मर्चेंट ने की थी। तेज ताल, पारंपरिक गरबा स्टेप्स और बड़े ग्रुप के साथ फिल्माया गया डांस सीक्वेंस इसकी खासियत रहा। सलमान और ऐश्वर्या के साथ बैकग्राउंड डांसर्स की प्रस्तुति ने गाने को भव्य रूप दिया।
गाने की विजुअल अपील में पारंपरिक गुजराती परिधानों और रंगीन सेट का भी बड़ा योगदान रहा। यही वजह है कि यह गाना सिर्फ फिल्म का हिस्सा नहीं रहा, बल्कि नवरात्रि और गरबा से जुड़ी बॉलीवुड की यादगार प्रस्तुतियों में शामिल हो गया।
‘ढोली तारो ढोल बाजे’ को रिलीज हुए करीब 27 साल हो चुके हैं, लेकिन इसकी लोकप्रियता अब भी कायम है। नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया आयोजनों में यह गाना सुनाई देता है और इसकी पहचान सलमान खान-ऐश्वर्या राय की यादगार ऑन-स्क्रीन परफॉर्मेंस से भी जुड़ी हुई है।
बॉलीवुड में इसके बाद भी ‘नगाड़ा संग ढोल’, ‘चोगाड़ा’ और ‘ढोलिडा’ जैसे कई गरबा गाने लोकप्रिय हुए, लेकिन ‘ढोली तारो’ ने 1999 में जिस तरह मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा में गुजराती गरबा की भव्य छवि पेश की, उसकी अलग पहचान बनी हुई है।






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