लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर एक नए रोड ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण शुरू हो गया है। रेलवे की ओर से बनाए जा रहे इस चार लेन के पुल की लंबाई करीब 650 मीटर होगी और इ…

लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर एक नए रोड ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण शुरू हो गया है। रेलवे की ओर से बनाए जा रहे इस चार लेन के पुल की लंबाई करीब 650 मीटर होगी और इसके निर्माण पर लगभग 80 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह पुल अगस्त 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है।

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इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इसकी योजना करीब डेढ़ दशक पहले तैयार हुई थी। यही इलाका कभी सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती के बीच राजनीतिक विवाद का कारण भी बना था।

माल एवेन्यू रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की योजना 2003 से 2007 के बीच तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के कार्यकाल में तैयार की गई थी। वर्ष 2007 में मायावती के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके आवास के सामने से गुजरने वाले इस प्रस्तावित पुल की योजना को रद्द कर दिया गया था।

इसके बाद 2011 के रेल बजट में विक्रमादित्य मार्ग से दिलकुशा तक नया ओवरब्रिज बनाने की योजना को मंजूरी मिली। करीब 14.64 करोड़ रुपये की शुरुआती लागत वाले इस प्रोजेक्ट के लिए 10 लाख रुपये की टोकन राशि भी जारी की गई थी। 2012-13 के रेल बजट में भी इसके लिए 1.37 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। हालांकि, बजट में राशि का प्रावधान होने के बावजूद कई वर्षों तक परियोजना जमीन पर नहीं उतर सकी।

2012 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद मायावती सरकार के दौरान बंद किए गए पुल के प्रोजेक्ट को फिर से आगे बढ़ाया गया। 2013 में माल एवेन्यू इलाके में मायावती के आवास और बसपा कार्यालय के सामने से सेना भर्ती मुख्यालय तक जाने वाले ओवरब्रिज का शिलान्यास हुआ।

मायावती ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इस निर्माण का विरोध किया था। इसके बावजूद राज्य सेतु निगम ने करीब 655.94 मीटर हिस्से का निर्माण पूरा कर लिया। बाद में रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर का काम भी सेतु निगम को सौंप दिया गया। 4 नवंबर 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस ओवरब्रिज का उद्घाटन किया।

समय के साथ अखिलेश यादव विक्रमादित्य मार्ग स्थित अपने पुराने सरकारी आवास को खाली कर चुके हैं। अब इसी इलाके में प्रस्तावित नए ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया गया है। उत्तर रेलवे के रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट विंग को इस पुल के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है। करीब 650 मीटर लंबा और चार लेन वाला यह ओवरब्रिज दिलकुशा तिराहे से शुरू होकर विक्रमादित्य मार्ग के रास्ते राज्य अतिथि गृह के पास जाकर खत्म होगा। करीब 80 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को अगस्त 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह वर्षों से लंबित यह योजना अब एक बार फिर निर्माण के दौर में पहुंच गई है।