उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने सोशल मीडिया संगठन को नई दिशा देते हुए विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व प्रदेश मह…
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने सोशल मीडिया संगठन को नई दिशा देते हुए विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व प्रदेश महामंत्री सुभाष यदुवंश को प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के हस्ताक्षर से जारी नई नियुक्तियों में सोशल मीडिया टीम के लिए सह-संयोजकों और सदस्यों की भी घोषणा की गई है।
सुभाष यदुवंश के पास संगठन में लंबे समय तक अलग-अलग जिम्मेदारियों में काम करने का अनुभव है। पार्टी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार उन्होंने 2016 में प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभाली, 2018 में भारतीय जनता युवा मोर्चा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष बने और 2020 में दोबारा प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी मिली। 2023 में उन्हें भाजपा उत्तर प्रदेश का प्रदेश महामंत्री बनाया गया।
युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री जैसे संगठनात्मक दायित्वों के साथ-साथ उन्होंने नव मतदाता अभियान, नगर निकाय चुनाव प्रचार, तिरंगा यात्रा और विभिन्न प्रदेश स्तरीय अभियानों में भी जिम्मेदारियां निभाई हैं। यही संगठनात्मक अनुभव अब सोशल मीडिया के डिजिटल नेटवर्क को बूथ और मंडल स्तर तक प्रभावी ढंग से जोड़ने में उपयोगी माना जा रहा है।
2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों के लिए सोशल मीडिया जनसंवाद, मुद्दों की जानकारी और संगठनात्मक गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। भाजपा की नई सोशल मीडिया टीम के सामने प्रदेश स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों, अभियानों और सरकार की योजनाओं से संबंधित डिजिटल सामग्री को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी। ताजा रिपोर्टों में भी नई टीम के गठन को 2027 की चुनावी तैयारियों और डिजिटल गतिविधियों को मजबूत करने से जोड़ा गया है।
सुभाष यदुवंश स्वयं भी हाल में भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सोशल मीडिया और एआई के जिम्मेदार इस्तेमाल, डिजिटल अनुशासन तथा फेक नैरेटिव से निपटने जैसे विषयों पर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर चुके हैं।
नई जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक संवाद तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित हो रहा है। ऐसे में सुभाष यदुवंश के सामने संगठन की जमीनी संरचना और डिजिटल नेटवर्क के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की चुनौती होगी।
पूर्व युवा मोर्चा अध्यक्ष से लेकर प्रदेश मंत्री, प्रदेश महामंत्री और विधान परिषद सदस्य तक की संगठनात्मक यात्रा के बाद अब सोशल मीडिया की जिम्मेदारी मिलने से भाजपा के डिजिटल संगठन में उनका अनुभव सीधे उपयोग में आएगा। पार्टी की नई टीम में छह सोशल मीडिया सह-संयोजक और तीन सदस्यों को भी जिम्मेदारी दी गई है।
राजनीतिक दलों के लिए 2027 का चुनाव केवल जमीनी संगठन और जनसंपर्क तक सीमित नहीं रहेगा; डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तथ्य, मुद्दों और राजनीतिक संदेशों को लेकर होने वाला संवाद भी चुनावी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा। ऐसे में भाजपा ने संगठन के अनुभवी चेहरे को सोशल मीडिया की जिम्मेदारी देकर डिजिटल मोर्चे को संगठनात्मक अनुभव से जोड़ने का प्रयास किया है।





