US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले साढ़े छह महीने से जंग जारी है. कई दौर की बातचीत के बाद भी दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया. ऐसे में एक बार…

US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले साढ़े छह महीने से जंग जारी है. कई दौर की बातचीत के बाद भी दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया. ऐसे में एक बार फिर से दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना दिखाई दे रही है. हालांकि इसके लिए ईरान ने अमेरिका के सामने कुछ शर्तें रखी हैं. ईरान का कहना है कि अगर ट्रंप ने ये शर्तें नहीं माना तो फिर 'निर्णायक जंग' हो. मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, ईरान ने कतर के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को बातचीत शुरू करने के लिए सात शर्तें बताई हैं, साथ ही चेतावनी दी है कि अगर वॉशिंगटन उसकी मांगें नहीं मानता है, तो तेहरान 'निर्णायक युद्ध' के लिए तैयार है

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने कहा कि कतर ने तेहरान की शर्तें वॉशिंगटन तक पहुंचा दी हैं और ईरान अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है. रेज़ाई ने कहा, "हम मध्यस्थ कतर के संपर्क में हैं, जिसने युद्ध खत्म करने के मकसद से हमारी शर्तें वॉशिंगटन तक पहुंचाई हैं. हम राष्ट्रपति ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहे हैं."

रेजाई ने आगे कहा कि ईरान की शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना, ईरान के फ्रीज किए गए फंड को जारी करना और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना शामिल है. उन्होंने कहा, "हमारी शर्तें हैं- सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना, हमारे फ्रीज किए गए फंड को जारी करना और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना."सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में रेजाई ने कहा कि ईरान ने वॉशिंगटन के साथ बातचीत शुरू करने के लिए सात शर्तों की घोषणा की है और कहा कि तेहरान का रुख साफ है

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "ईरान ने अमेरिकी सरकार के साथ किसी भी तरह की बातचीत शुरू करने के लिए 7 शर्तों की घोषणा की है. तेहरान का संदेश साफ और स्पष्ट है; अगर वॉशिंगटन खुद बनाई गई मुश्किल स्थिति से निकलना चाहता है और उसमें और ज्यादा नहीं फंसना चाहता, तो उसके पास ईरान के अधिकारों और शर्तों को मानने के अलावा कोई चारा नहीं है."

रेजाई ने अल जजीरा से कहा, "इन शर्तों को मानना वॉशिंगटन के हित में है. ट्रंप की धमकियों से कोई नतीजा नहीं निकलेगा. हम एक निर्णायक युद्ध के लिए तैयार हैं." रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने एक समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) की समय-सीमा खत्म होने के बाद से कतर और पाकिस्तान, तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बातचीत को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं. क्षेत्रीय देश भी इस संघर्ष को खत्म करने पर जोर दे रहे हैं, जो फरवरी के आखिर में ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद शुरू हुआ था

रेजाई ने अमेरिका के एक और हमले की संभावना से भी इनकार नहीं किया और कहा कि ईरान के सैन्य आकलन के आधार पर इसकी 'पूरी संभावना' है. उन्होंने कहा कि तेहरान ऐसी स्थिति के लिए तैयार है और लड़ाई के दो पिछले दौर के बाद उसने अपनी सैन्य योजना में बदलाव किया है. ईरान के सुरक्षा प्रमुख ने कहा कि तेहरान की मौजूदा सैन्य योजना खाड़ी से लेकर ओमान की खाड़ी और अरब सागर तक तैनात अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों पर केंद्रित है. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने हाल ही में एक अमेरिकी जहाज या एयरक्राफ्ट कैरियर के पास मल्टी-वॉरहेड एंटी-शिप मिसाइल का परीक्षण किया है

रेजाई ने चेतावनी दी कि भविष्य में ईरान की कोई भी जवाबी कार्रवाई बड़े पैमाने पर हो सकती है, जिसमें क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के साथ-साथ अमेरिकी व्यावसायिक हितों और स्थानीय स्तर पर काम कर रही कंपनियों को निशाना बनाया जा सकता है. जब उनसे पूछा गया कि क्या युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, तो रेजाई ने कहा, "व्यावहारिक रूप से युद्ध अभी भी जारी है," साथ ही उन्होंने कहा कि तेहरान एक ऐसी रणनीति पर काम कर रहा है जिसका मकसद संघर्ष को 'जल्द से जल्द' खत्म करना है