Delhi Protest: दिल्ली में पथराव के बाद तनाव, वाराणसी में चुनाव आयोग के समर्थन में न्याय मार्च

नई दिल्ली/वाराणसी: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। नई दिल्ली इलाके में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की खबर सामने आई। पथराव में पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। वहीं, उत्तर प्रदेश के वाराणसी में युवा परिषद ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थन में न्याय मार्च निकाला।

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने की मांग कर रहे थे।

इसी दौरान नई दिल्ली इलाके में बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश और पुलिसकर्मियों पर पथराव की खबर सामने आई। घटना में पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। इसके बाद पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली के कई इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई गई और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई।

प्रदर्शन से जुड़े कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की भी खबर है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

दिल्ली में हुए घटनाक्रम के बाद बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। बीजेपी नेताओं ने प्रदर्शन के तरीके और विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। वहीं, विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी विवाद के बीच दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रख रहे हैं। ऐसे में चुनावी पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर बहस तेज हो गई है।

दिल्ली में प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में युवा परिषद ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थन में न्याय मार्च निकाला।

मार्च में शामिल युवाओं ने चुनाव आयोग के समर्थन में नारे लगाए और विपक्षी नेताओं की आलोचना की। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान के पक्ष में अपनी बात रखी।

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए टकराव और वाराणसी में चुनाव आयोग के समर्थन में निकाले गए मार्च ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। एक तरफ विपक्ष मतदाता सूची के संशोधन पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ चुनाव आयोग के समर्थक संस्थागत प्रक्रिया के पक्ष में आवाज उठा रहे हैं।

अब इस पूरे मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं पर नजर बनी हुई है।