अस्पताल पहुंचने पर मिली बेटे की मौत की खबर, परिजनों का दावा—दो दिन तक बंधक बनाकर किया गया ब्लैकमेल; अलीगंज थाने में कार्रवाई की मांग

लखनऊ। लखनऊ में 28 वर्षीय शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेटे की मौत से गमजदा मां रंजना शर्मा ने इसे हत्या बताते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है। परिजनों ने श्रद्धा दुबे और उसके ड्राइवर दानिश पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि शिवा को दो दिन तक बंधक बनाकर रखा गया और मैसेज के जरिए ब्लैकमेल किया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही मौत की असल वजह और घटना से जुड़े तथ्यों की तस्वीर साफ हो सकेगी।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही बेटे की मौत की खबर, मां के उठे कई सवाल

मृतक की मां रंजना शर्मा के मुताबिक 8 अक्टूबर को उनकी बेटी आस्था के मोबाइल पर फोन आया कि शिवा राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती है। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर भेजे जाने की जानकारी मिली। परिजनों का आरोप है कि शिवा के साथ गया सौरव कश्यप उसे ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने के बाद छोड़कर चला गया।परिजनों के अनुसार वे रात करीब नौ बजे अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने शिवा की मौत की जानकारी दी। परिवार का कहना है कि डॉक्टरों ने बताया कि शिवा की मृत्यु करीब दो से ढाई घंटे पहले हो चुकी थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर शिवा की हालत बिगड़ने पर परिवार को समय रहते सूचना क्यों नहीं दी गई और उसे अस्पताल पहुंचाने के बाद उसके साथ मौजूद लोग कहां चले गए?

मां का आरोप—मेरे बेटे की हत्या हुई, मुझे इंसाफ चाहिए

शिवा की मां रंजना शर्मा का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या की गई है। अस्पताल में बेटे को मृत अवस्था में देखने के बाद से परिवार सदमे में है। मां अब अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रही हैं और मामले में निष्पक्ष जांच के साथ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही हैं।परिजनों का कहना है कि शिवा की मौत महज एक सामान्य घटना नहीं है। वे उसकी मौत से पहले की परिस्थितियों उसके साथ मौजूद लोगों की भूमिका और परिवार को सूचना दिए जाने में हुई कथित देरी की जांच चाहते हैं।

श्रद्धा दुबे और ड्राइवर दानिश पर गंभीर आरोप

परिवार ने श्रद्धा दुबे और उसके ड्राइवर दानिश पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि शिवा को दो दिन तक बंधक बनाकर रखा गया और मैसेज के माध्यम से ब्लैकमेल किया गया। परिवार के पास ब्लैकमेलिंग मैसेज के स्क्रीनशॉट होने की बात भी कही जा रही है।परिजनों का यह भी आरोप है कि शिवा की मौत के बाद से श्रद्धा दुबे और उसके ड्राइवर दानिश के फोन बंद जा रहे हैं। हालांकि फोन बंद होने और ब्लैकमेलिंग के आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इन दावों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

मेडिकल रिपोर्ट को लेकर भी परिवार ने उठाए सवाल

शिवा की मौत के मामले में परिजनों ने मेडिकल रिपोर्ट को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि शिवा के साथ मारपीट हुई थी। ऐसे में मौत से पहले की घटनाओं, शरीर पर चोटों की स्थिति और मेडिकल रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों की निष्पक्ष जांच अहम मानी जा रही है।परिजन चाहते हैं कि जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि शिवा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या घटना से पहले उसके साथ किसी तरह की मारपीट या जबरदस्ती की गई थी।

अलीगंज थाने में कार्रवाई की मांग, पुलिस जांच पर टिकी निगाहें

मामले को लेकर परिजन अलीगंज थाने में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिवार ने पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया है। हालांकि पुलिस की ओर से अब तक की गई कार्रवाई और आरोपों की स्थिति की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।शिवा अलीगंज क्षेत्र में कैफे चलाता था और परिजनों के मुताबिक वह 7 अक्टूबर से घर नहीं लौटा था। इसके बाद 8 अक्टूबर को उसके अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली और फिर उसकी मौत की जानकारी दी गई।

हत्या या आत्महत्या? जांच से ही खुलेगा मौत का राज

शिवा शर्मा की मौत के मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। क्या यह हत्या का मामला है, आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है? फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।परिजनों के आरोप ब्लैकमेलिंग मैसेज मेडिकल रिपोर्ट और घटना के दौरान शिवा के साथ मौजूद लोगों की भूमिका जांच के अहम बिंदु हो सकते हैं। अब पुलिस की जांच और आधिकारिक तथ्यों पर सबकी निगाहें टिकी हैं। परिवार को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी सच्चाई सामने आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।