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5 लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और पुलिस सुधार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। गुरुवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित पुलिस विभाग के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन किया। इसी कार्यक्रम में उन्होंने 2017 से पहले की कानून व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में प्रदेश के सामने पहचान का संकट था और कई क्षेत्रों में माफिया का प्रभाव था। उनके मुताबिक, राजनीतिक नेतृत्व में निर्णय लेने की क्षमता नहीं होने पर कानून व्यवस्था को मजबूत करना मुश्किल होता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कई जगह माफिया का प्रभाव था और उनके सामने पुलिस मजबूर नजर आती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि माफियाओं के सामने समानांतर सरकार चलती थी और पुलिस सुधार के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “माफिया के सामने नाक रगड़ा जाता था, घुटने टेक देते थे” और सवाल उठाया कि यदि राजनीतिक नेतृत्व कानून व्यवस्था को लेकर दृढ़ निर्णय नहीं ले सकता तो व्यवस्था को कैसे मजबूत किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 2017 के बाद पुलिस सुधारों को आगे बढ़ाया। उन्होंने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह द्वारा लंबे समय से पुलिस सुधारों को लेकर किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस के आधुनिकीकरण और तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। इस दौरान 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई गई और पुलिसकर्मियों को वीरता पदक भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन किया गया। पुस्तक में प्रकाश सिंह ने अपने पुलिस सेवा के अनुभवों और पुलिस सुधार से जुड़े विषयों को शामिल किया है।
कार्यक्रम में पुलिस सेवा, सुधार और आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश के सामने पहले पहचान का संकट था। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवस्था में शॉर्टकट अपनाने से अपेक्षित प्रगति के बजाय समस्याएं बढ़ सकती हैं।
उनके बयान का मुख्य फोकस कानून व्यवस्था, माफिया का प्रभाव, राजनीतिक नेतृत्व और पुलिस सुधार पर रहा। मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद अपनी सरकार द्वारा किए गए पुलिस सुधारों को भी अपने संबोधन में रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। सपा प्रवक्ता आजम खान ने योगी सरकार पर प्रशासनिक नाकामियों और पुलिस के राजनीतिकरण का आरोप लगाया।
सपा प्रवक्ता ने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान UP-100, 1090 महिला सुरक्षा जैसी पुलिसिंग सुविधाएं शुरू की गईं और पुलिस मुख्यालय की सिग्नेचर बिल्डिंग का निर्माण कराया गया। उन्होंने मौजूदा सरकार पर पुलिस के राजनीतिकरण का आरोप भी लगाया।
सपा की ओर से योगी सरकार की कानून व्यवस्था संबंधी नीतियों, एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए। ये विपक्ष के राजनीतिक आरोप हैं।
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था लंबे समय से राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार 2017 से पहले की कानून व्यवस्था का उल्लेख करते हुए अपनी सरकार के पुलिस और कानून व्यवस्था संबंधी कदमों को सामने रखते रहे हैं। वहीं विपक्षी दल सरकार की पुलिसिंग और कानून व्यवस्था को लेकर अलग-अलग सवाल उठाते रहे हैं।
ताजा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के बयान और समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में है।
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