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1 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जब प्रधानमंत्री बनने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने अपने जवाब से राजनीतिक चर्चा को नया विषय दे दिया, लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान उनसे पूछा गया कि वह प्रधानमंत्री कब बनेंगे। इस पर अखिलेश यादव ने कहा, “यूपी तक रखो हमें, आगे मत जाने दो।” उनके इस जवाब को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की व्याख्याएं सामने आ सकती हैं हालांकि, अखिलेश यादव ने अपने बयान में प्रधानमंत्री पद को लेकर कोई अलग दावा या घोषणा नहीं की।
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अखिलेश यादव ने लोकतंत्र सेनानियों से मुलाकात के दौरान उनके संघर्ष और अनुभवों का जिक्र किया, उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर लोकतंत्र सेनानियों की ओर से दिए गए सुझावों को लागू किया जाएगा, अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान में मिलने वाली सम्मान राशि कम है, उन्होंने घोषणा की कि सपा सरकार बनने पर लोकतंत्र सेनानियों को 51 हजार रुपये प्रतिमाह सम्मान राशि दी जाएगी, इसके साथ ही उन्होंने मुफ्त इलाज, ट्रेन और बस किराए समेत अन्य सुविधाएं देने की बात भी कही, मौजूदा व्यवस्था को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र सेनानियों को वर्तमान में 20 हजार रुपये प्रतिमाह सम्मान राशि मिलती है और राज्य सरकार ने उनके लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की है।
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में आपातकाल का जिक्र करते हुए पीडीए से जुड़े मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि “जिस काल में पीडीए पर अत्याचार होगा, वह हर काल आपातकाल होगा”, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और कार्रवाई को लेकर सवाल उठाने वालों पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, अखिलेश ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों की तुलना आपातकाल से करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतंत्र के लिए आगे भी संघर्ष करती रहेगी।
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अखिलेश यादव ने भाजपा पर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव से पहले माइक्रोमैनेजमेंट के जरिए अपनी रणनीति तैयार करेगी, लेकिन उनके मुताबिक इसका चुनावी परिणाम अलग होगा, शाहजहांपुर में हुई हत्या की घटना का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि उन्हें घटना के कारण की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन घटना की खबर मिली है, उन्होंने इस दौरान सरकार की कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल को लेकर भी सवाल उठाए, उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी आरोप लगाया और कहा कि पुलिस भाजपा के कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रही है, यह अखिलेश यादव का राजनीतिक आरोप है, जिसे स्वतंत्र तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
अखिलेश यादव का “यूपी तक रखो हमें, आगे मत जाने दो” वाला जवाब फिलहाल राजनीतिक चर्चा का प्रमुख हिस्सा बन गया है वहीं, लोकतंत्र सेनानियों के लिए 51 हजार रुपये मासिक सम्मान राशि, मुफ्त इलाज और यात्रा सुविधाओं को लेकर उनका ऐलान भी चुनावी दौर में सपा की ओर से रखे जा रहे प्रस्तावों में शामिल हो गया है, अब उनके प्रधानमंत्री पद वाले बयान की अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं सामने आने की संभावना है, जबकि अखिलेश यादव ने अपने जवाब में स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री पद की कोई दावेदारी पेश नहीं की।
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