कल का मौसम, 23 सितंबर: देशभर में मानसून की विदाई की चर्चाओं के बीच मौसम एक बार फिर बड़ा उलटफेर करने जा रहा है. बंगाल की खाड़ी में बना मानसूनी सिस्टम तेजी से ता…
कल का मौसम, 23 सितंबर: देशभर में मानसून की विदाई की चर्चाओं के बीच मौसम एक बार फिर बड़ा उलटफेर करने जा रहा है. बंगाल की खाड़ी में बना मानसूनी सिस्टम तेजी से ताकतवर हो रहा है और इसका सीधा प्रभाव पूर्वी, मध्य तथा दक्षिणी भारत के राज्यों पर साफ दिखाई देने लगा है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार समुद्र में उठा यह चक्रवाती सिस्टम अगले चौबीस घंटों में और ज्यादा विकराल रूप ले सकता है. इसके प्रभाव से कई तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की पूरी आशंका बन गई है. जहां एक तरफ ओडिशा और आंध्र प्रदेश पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है, वहीं देश की राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी जल्द ही बादलों का डेरा जमने वाला है
मौसम विज्ञान विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल गया है. समुद्र से लगातार मिल रही नमी की वजह से यह चक्रवाती तंत्र और ज्यादा शक्तिशाली होकर डीप डिप्रेशन का रूप ले सकता है. अनुमान है कि यह सिस्टम पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा और 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की भोर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट को पार कर जाएगा. तट से टकराते समय हवाओं की गति बेहद तेज रह सकती है, जिसका सबसे बड़ा असर ओडिशा के जनजीवन पर पड़ने वाला है
इस नए मौसमी तंत्र की सबसे जबरदस्त मार ओडिशा पर पड़ने जा रही है. मौसम विभाग ने 23 और 24 सितंबर को राज्य के कई जिलों में मूसलाधार और अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है. खासतौर पर कंधमाल, गजपति, गंजाम और पुरी में 20 सेंटीमीटर से अधिक पानी बरसने का खतरा है. इसके अलावा 24 सितंबर को कालाहांडी, कंधमाल और रायगड़ा के लोगों को भारी आफत का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान समुद्र में करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिससे ऊंची लहरें उठेंगी. प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की कड़ी हिदायत दी है और निचले इलाकों में जलभराव को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है
राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों जैसे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में मंगलवार को बारिश से राहत बनी रहेगी. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 24 सितंबर तक दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए कोई गंभीर चेतावनी नहीं है. यहां दिन में धूप निकलने और बीच-बीच में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है. हालांकि यह शांति ज्यादा दिन नहीं टिकेगी. 25 सितंबर से हवाओं का रुख बदलेगा और 27 सितंबर के दौरान दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना बन रही है, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी
उत्तर प्रदेश के मौसम में भी भारी बदलाव आने वाला है. राज्य के पूर्वी जिलों में 24 सितंबर से मौसम की हलचल तेज हो जाएगी. तेज गरज-चमक और झोंके वाली हवाओं के साथ 25 सितंबर से पूर्वी यूपी में जोरदार बारिश की झड़ी लग सकती है. यह दौर 26 से 28 सितंबर तक जारी रहने की उम्मीद है. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 सितंबर की शाम से मौसमी बदलाव महसूस होगा, जिसके बाद 26 से 28 सितंबर के बीच कई जनपदों में झमाझम बारिश लोगों को भिगोएगी. इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और फसलों को भी पानी मिलने की उम्मीद है
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में भी बादलों का पहरा शुरू हो चुका है. देहरादून, चमोली, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी और नैनीताल जैसे जिलों में 22 से 25 सितंबर के बीच रुक-रुक कर बौछारें पड़ने की संभावना है. 25 और 26 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़कर बहुत भारी रूप ले सकता है, जिससे पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का जोखिम बढ़ जाएगा. उधर हिमाचल प्रदेश में कुछेक स्थानों पर हल्की फुहारें पड़ सकती हैं, लेकिन वहां मौसम आमतौर पर सामान्य ही बना रहेगा. पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम और मेघालय में 23 से 25 सितंबर के बीच भारी बारिश होगी. इसके साथ ही उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है
दक्षिण भारत के केरल में भी इस पूरे सप्ताह बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. पथनमथिट्टा, कोट्टायम, अलप्पुझा, एर्नाकुलम, इडुक्की और त्रिशूर जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है. पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके. इस प्रकार पूरे देश में बंगाल की खाड़ी का यह डिप्रेशन आने वाले दिनों में मौसम को पूरी तरह बदलने जा रहा है





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