ढोल-ताशों और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष के बीच पुणे का गणेशोत्सव अपने पूरे रंग में है. इसी माहौल में शनिवार को ऐतिहासिक श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल मे…
ढोल-ताशों और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष के बीच पुणे का गणेशोत्सव अपने पूरे रंग में है. इसी माहौल में शनिवार को ऐतिहासिक श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल में कई चर्चित हस्तियों ने हाज़िरी लगाई. दक्षिणी कमान के GOC-in-C लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल और NCP (SP) नेता रोहित पवार ने बप्पा के दर्शन किए
मंडल में पहुंचने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर ने पुणे के गणेशोत्सव को करीब से देखने का अनुभव साझा किया. उन्होंने कहा, “यहां आकर बहुत अच्छा और धन्य महसूस हो रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों में त्योहार अलग-अलग तरीके से मनाए जाते हैं. पुणे का गणेशोत्सव देखना अपने आप में एक शानदार अनुभव है.” उनका बयान उस उत्सवी माहौल के बीच आया, जब मंडल में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई थी
साइना नेहवाल के लिए बप्पा के दर्शन के साथ पुणे की पुरानी यादें भी ताजा हुईं. उन्होंने कहा, “पुणे मेरे सफर का एक खास हिस्सा है. यहां से मेरी बहुत सी यादें जुड़ी हैं, जिसमें वर्ल्ड चैंपियन बनना और कॉमनवेल्थ गेम्स जीतना भी शामिल है. हमें एकजुट रहना चाहिए, अपनी परंपराओं को सहेजना चाहिए और युवा खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए.” नेहवाल ने युवाओं और खेलों को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा, “युवा देश का भविष्य हैं. माता-पिता के सही सहयोग, बेहतर अवसर और मजबूत स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ हमारी युवा पीढ़ी बहुत कुछ हासिल कर सकती है और भारत का नाम दुनिया में और रोशन कर सकती है.”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को मजबूत स्पोर्टिंग नेशन बनने की दिशा में काम करते रहना चाहिए और भविष्य में ओलंपिक की मेजबानी की उम्मीद जताई. रोहित पवार ने दर्शन के बाद अजित पवार को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, “इस गणेशोत्सव में हमें अजित पवार की कमी महसूस हुई. मुझे उम्मीद है कि उन्हें जल्द न्याय मिलेगा. मैंने सूखे जैसे हालात का सामना कर रहे किसानों और MPSC छात्रों के लिए भी प्रार्थना की है.”
मंडल के फेस्टिवल हेड पुनीत बालन ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान लगातार बड़ी हस्तियां और VVIP यहां पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा, “कई सेलिब्रिटी और VVIP यहां बप्पा के दर्शन और आशीर्वाद लेने आ रहे हैं. लोगों की आस्था बप्पा में है. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को देखते हुए हमने उनकी सुविधा के लिए कई इंतजाम किए हैं और पूरे गणेशोत्सव का प्रबंधन व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है.” भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल की पहचान सिर्फ धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है. मंडल के अनुसार, 1892 में श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी ने सार्वजनिक गणेशोत्सव की स्थापना की थी. इस वर्ष 135वें वर्ष का उत्सव मनाया जा रहा है. ऐतिहासिक विरासत, पारंपरिक उत्सव और बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालु इसे पुणे के प्रमुख गणपति स्थलों में शामिल करते हैं. शनिवार को सेना, खेल और राजनीति के प्रमुख चेहरों की मौजूदगी ने मंडल के उत्सवी माहौल को और चर्चा में ला दिया



