लखनऊ: सिंगर अंकित बालियान की हत्या को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद भारतीय जनता…
लखनऊ: सिंगर अंकित बालियान की हत्या को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी ने पलटवार किया है वहीं, सपा की ओर से भी जवाब दिया गया है, बीजेपी नेताओं ने अखिलेश यादव पर हत्याकांड को जाति, क्षेत्र और गोत्र के नजरिए से देखने का आरोप लगाया, नेताओं का कहना है कि घटना के बाद पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर न्याय की मांग करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
अखिलेश यादव के बयान पर यूपी सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर हमला बोला, उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता पिछली सरकार के दौरान गुंडागर्दी, अपराध और जातीय संघर्ष जैसी स्थितियों को देख चुकी है, स्वतंत्र देव सिंह ने दावा किया कि 2017 के बाद योगी सरकार में कानून का राज स्थापित हुआ है और अपराधियों तथा माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है,उन्होंने अंकित बालियान के परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि माता-पिता दुखी हैं और ऐसे समय में जातिवाद, क्षेत्रवाद या गोत्रवाद की बात करने के बजाय परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए, मंत्री ने कहा कि मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है और STF भी जांच में लगी है। उन्होंने भरोसा जताया कि किसी भी अपराधी को छोड़ा नहीं जाएगा।
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बीजेपी के राज्यसभा सांसद बृजलाल ने भी अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया दी, उन्होंने अखिलेश यादव को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरते हुए उनके शासनकाल के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र किया, बृजलाल ने शामली और कवाल कांड का उल्लेख करते हुए पिछली सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए, उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय माफियाओं का प्रभाव था, बीजेपी सांसद ने कहा कि मौजूदा सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है और इसी वजह से प्रदेश में निवेश का माहौल बना है।
अखिलेश यादव की टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री और RLD प्रमुख जयंत चौधरी ने भी पलटवार किया, जयंत चौधरी ने कहा कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में जाति तलाशना संवेदनहीनता है, ऐसी स्थिति में जाति, क्षेत्र और दूसरे भेदों से ऊपर उठकर मानवीय रिश्तों को प्राथमिकता देनी चाहिए, उन्होंने कहा कि अंकित बालियान के परिवार को न्याय मिलना किसी एक जाति या गोत्र का मुद्दा नहीं है, बल्कि हर न्यायप्रिय व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
जयंत चौधरी के बयान पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज काका ने प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी केंद्रीय मंत्री हैं और एक युवा की हत्या के मामले में संवेदनशीलता की बात कर रहे हैं, इससे पहले अखिलेश यादव ने अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर बीजेपी और जयंत चौधरी पर निशाना साधा था, उन्होंने आरोप लगाया था कि बीजेपी केवल वोट की सगी है और जाट समाज या किसी अन्य समाज की नहीं, अखिलेश यादव ने यह भी कहा था कि जाट समाज जवाब मांग रहा है और उनके सहयोगी जाट नेता सामने नहीं आ रहे हैं।
अंकित बालियान हत्याकांड की जांच के बीच अब यह मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बन गया है सपा, बीजेपी और RLD नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब निगाहें हत्याकांड की जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और अंकित बालियान के परिवार को न्याय मिलने पर टिकी हैं।





