भोपाल। राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन और नई न्याय संहिताओं पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता म…
भोपाल। राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन और नई न्याय संहिताओं पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। सम्मेलन में डेयरी क्षेत्र के विस्तार, दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने और सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्मेलन को मध्यप्रदेश में ‘श्वेत क्रांति 2.0’ की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने, दुग्ध समितियों के विस्तार और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। प्रदेश में दूध संग्रहण को बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। अमित शाह ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से सहयोग का भरोसा दिलाया
सम्मेलन के दौरान उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण क्षमता वाले संयंत्र का वर्चुअल भूमिपूजन किया गया। इसके साथ ही भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये की लागत वाले 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और 12.42 करोड़ रुपये की राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण किया गया। शिवपुरी में 6.5 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी शुभारंभ किया गया
कार्यक्रम के दौरान भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों के सदस्यों को बोनस तथा दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को लाभांश वितरित किया गया। पंजीकृत गौशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपये की सहायता और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को 15.10 करोड़ रुपये का लाभांश दिए जाने की जानकारी दी गई। इस दौरान पशुपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली पांच गौपालक दीदियों को भी सम्मानित किया गया
अमित शाह ने कहा कि सहकारी व्यवस्था के माध्यम से दूध उत्पादकों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलाने और डेयरी आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दूध की प्रोसेसिंग के लिए आइसक्रीम, मक्खन, घी, चीज और मावा जैसे उत्पादों के निर्माण से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में प्रसंस्करण क्षमता बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा हो सकते हैं
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014-15 में देश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 307 ग्राम प्रतिदिन थी, जो बढ़कर 485 ग्राम प्रतिदिन हो गई है। उन्होंने भारत को विश्व का सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाला देश बताया और डेयरी क्षेत्र में सहकारिता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया
गौपालक सम्मेलन के साथ भेल दशहरा मैदान में नई न्याय संहिताओं पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। अमित शाह ने प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। यहां ऑनलाइन एफआईआर, वैज्ञानिक साक्ष्य और नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों की जानकारी प्रदर्शित की गई। अमित शाह ने कहा कि नई न्याय व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा को केंद्र में रखना है। उन्होंने नई संहिताओं के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की बात कही
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने को लेकर राज्य सरकार के साथ योजना तैयार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और रोकथाम के लिए विस्तृत योजना पर काम किया जाएगा
भोपाल के मोरवन प्रोजेक्ट के तहत नगर वन विकसित करने के लिए KRIBHCO और मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के बीच एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। परियोजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्र में हरित क्षेत्र बढ़ाने और जैवविविधता के संरक्षण को बढ़ावा देना है। सम्मेलन में डेयरी अधोसंरचना, पशुपालन, सहकारिता, गौशाला सहायता और ग्रामीण रोजगार से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई






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