लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी और एनडीए ने चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। इसी बीच उत…
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी और एनडीए ने चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। इसी बीच उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े ने पार्टी और गठबंधन के कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए दावा किया कि आने वाला विधानसभा चुनाव एनडीए के कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ लड़ेंगे और जीत हासिल करेंगे।
विनोद तावड़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी को दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बताते हुए पार्टी के संगठन और नेतृत्व की तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी लगातार देश की राजनीति में मजबूत भूमिका निभा रही है और पार्टी का संगठन जमीनी स्तर तक सक्रिय है।
यूपी बीजेपी प्रभारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यूपी के विकास की रफ्तार को बढ़ाने का काम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किया जा रहा है। तावड़े के बयान से साफ है कि बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव में योगी सरकार के विकास कार्यों और उपलब्धियों को प्रमुख चुनावी मुद्दे के तौर पर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल के साथ चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाया जाएगा। बीजेपी की कोशिश है कि सरकार के कामकाज और पार्टी के संगठनात्मक नेटवर्क को चुनावी अभियान की मजबूती में बदला जाए।
विनोद तावड़े ने यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व और निर्देशन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाला विधानसभा चुनाव एनडीए के कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ लड़ेंगे और जीत हासिल करेंगे।उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि बीजेपी आगामी चुनाव के लिए संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं को लगातार चुनावी मोड में रखने पर जोर दे रही है। पार्टी के लिए उत्तर प्रदेश इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि देश के सबसे बड़े राज्य में विधानसभा चुनाव का परिणाम राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डालता है।
विनोद तावड़े ने समाजवादी पार्टी के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक केंद्रित सामाजिक-राजनीतिक समीकरण पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सपा के PDA फॉर्मूले को नाकामयाब करेगी।तावड़े ने PDA की व्याख्या करते हुए इसे “पराया धन अपना” बताया। इस बयान के जरिए उन्होंने सपा की सामाजिक गठबंधन रणनीति पर राजनीतिक हमला बोला। बीजेपी की ओर से पहले भी विपक्षी दलों की सामाजिक समीकरण आधारित राजनीति को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
विनोद तावड़े ने यह भी कहा कि एनडीए के कार्यकर्ता चुनाव जीतने के बाद अगले पांच साल फिर से उत्तर प्रदेश की जनता के लिए खुद को समर्पित करेंगे। यानी बीजेपी का चुनावी संदेश सिर्फ जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार के अगले कार्यकाल के लिए भी जनता के बीच अपनी प्रतिबद्धता रखने की कोशिश की जा रही है।अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी संगठन, योगी सरकार के कामकाज और एनडीए के सामाजिक समीकरण को किस तरह जनता के बीच ले जाती है, यह देखने वाली बात होगी। वहीं सपा समेत विपक्षी दल बीजेपी के इस चुनावी अभियान का मुकाबला किस रणनीति से करते हैं, इस पर भी यूपी की सियासत की नजर रहेगी।





