बंदियों के हुनर से लेकर अस्पताल, बेकरी और सुरक्षा व्यवस्था तक का किया निरीक्षण, नई मशीन लगाने का प्रस्ताव भेजने के निर्देश
लखनऊ। महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश पीसी मीना ने गुरुवार को केंद्रीय कारागार वाराणसी का निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों के पुनर्वास, स्वास्थ्य सुविधाओं, उद्योगों, भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को परखा तथा अधिकारियों को व्यवस्थाएं लगातार बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्य द्वार पर हुआ स्वागत, जेल उद्योगों से शुरू हुआ निरीक्षण
केंद्रीय कारागार पहुंचने पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र, जेलर अखिलेश कुमार और डिप्टी जेलर अखिलेश कुमार मिश्र ने डीजी कारागार का स्वागत किया।इसके बाद महानिदेशक ने जेल परिसर में संचालित काष्ठ कला और लौह उद्योग का निरीक्षण किया। यहां बंदियों द्वारा तैयार किए जा रहे फर्नीचर और अन्य सामान के बारे में उन्हें जानकारी दी गई। उन्होंने तैयार उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए बंदियों के कौशल विकास को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
पुरानी हाइड्रोलिक मशीन बदलेगी, नई मशीन के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश
बंदियों द्वारा मग निर्माण में इस्तेमाल की जा रही पुरानी हाइड्रोलिक मशीन का भी निरीक्षण किया गया। मशीन को बदलकर नई मशीन स्थापित करने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजने के निर्देश महानिदेशक ने दिए।इस पहल का उद्देश्य जेल में संचालित कार्यों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ बंदियों को बेहतर प्रशिक्षण और काम का अवसर उपलब्ध कराना है।
चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
निरीक्षण के दौरान डीजी कारागार ने स्वतंत्रता सेनानी हुतात्मा चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने कारागार में नवनिर्मित एमसीयू रूम का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
अस्पताल और दिव्यांग बैरक में बंदियों से सीधा संवाद
महानिदेशक ने चक्र-3 स्थित अस्पताल वार्ड और दिव्यांग बैरक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद बंदियों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।बदलते मौसम को देखते हुए बंदियों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता बरतने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
जेल में रामलीला की तैयारियों का भी लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान नियंत्रण कक्ष के पास स्थित राम मंदिर में रामलीला के पात्रों द्वारा किए जा रहे रिहर्सल का डीजी कारागार ने अवलोकन किया।उन्होंने परशुराम और लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे बंदियों की संवाद अदायगी और प्रस्तुति की सराहना की। इससे जेल में बंदियों के रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ाव को भी बढ़ावा मिलता दिखाई दिया।
बंदियों की परेड का किया निरीक्षण
महानिदेशक ने सर्किल-4 में बंदियों की परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों से उनके मुकदमों की स्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में बातचीत की तथा संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली।
इलेक्ट्रिक बेकरी में तैयार उत्पादों की जांच
कारागार में कोल इंडिया के सहयोग से स्थापित इलेक्ट्रिक बेकरी मशीन का भी निरीक्षण किया गया। डीजी कारागार ने बेकरी में तैयार किए जा रहे बिस्कुट, पावरोटी और अन्य खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को परखा।उन्होंने बेकरी संचालन और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली।
साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट दिखे डीजी कारागार
निरीक्षण के दौरान कारागार परिसर की साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित पाया गया। इन व्यवस्थाओं पर महानिदेशक ने संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की।उन्होंने निर्देश दिया कि जेल में वर्तमान व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने के साथ बंदियों की मूलभूत जरूरतों, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर लगातार विशेष ध्यान दिया जाए।
अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ चिकित्सीय परामर्शदाता लक्ष्मीकान्त त्रिपाठी, चिकित्साधिकारी अभिषेक कुमार सिंह, डिप्टी जेलर अमित कुमार वर्मा, अशोक कुमार राय, अयोध्या प्रसाद, भोजराज, अमिता श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।महानिदेशक के निरीक्षण में जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं के साथ-साथ बंदियों के कौशल विकास, स्वास्थ्य, पुनर्वास और रचनात्मक गतिविधियों पर भी विशेष फोकस रहा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कारागार में सुरक्षा के साथ मानवीय और सुधारात्मक व्यवस्थाओं को भी प्रभावी रूप से जारी रखा जाए।





