Uttarakhand News: उत्तराखंड के पहाड़ों में पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है. विश्व प्रसिद्ध औली को अब सिर्फ बर्फ और स्कीइंग तक सीमित रखने के बजाय…

Uttarakhand News: उत्तराखंड के पहाड़ों में पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है. विश्व प्रसिद्ध औली को अब सिर्फ बर्फ और स्कीइंग तक सीमित रखने के बजाय वर्षभर सक्रिय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है. इसके लिए औली का मास्टरप्लान तैयार किया जा रहा है, जिसमें स्कीइंग के साथ एडवेंचर, ट्रैकिंग, माउंटेन स्पोर्ट्स और अन्य पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है

इस योजना का सबसे अहम हिस्सा जोशीमठ-औली-गोरसों को बेहतर रोपवे कनेक्टिविटी से जोड़ना है. पर्यटकों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए करीब 6.92 किलोमीटर लंबे रोपवे का प्रस्ताव है. गोंडोला यानी केबल कार के जरिए पर्यटक ऊंचाई वाले इलाकों तक आसानी से पहुंच सकेंगे. इससे न सिर्फ यात्रा का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि क्षेत्र के अलग-अलग पर्यटन स्थलों को एक सर्किट के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी

प्रस्तावित परियोजना के पहले चरण में जोशीमठ से औली तक 3.02 किलोमीटर और औली के ऊपरी हिस्से से गोरसों पीक तक 2.13 किलोमीटर रोपवे विकसित करने की योजना है. इसके अलावा स्की क्षेत्र में गोंडोला लिफ्ट की सुविधा भी प्रस्तावित है

इस कनेक्टिविटी के विकसित होने से जोशीमठ, औली और गोरसों के बीच पर्यटकों की आवाजाही सुगम होने की उम्मीद है. इससे पर्यटक कम समय में अलग-अलग ऊंचाई वाले क्षेत्रों का अनुभव ले सकेंगे. साथ ही स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी नए अवसर मिलने की संभावना है

औली के मास्टरप्लान में क्षेत्र को 3 प्रमुख जोन में विकसित करने की योजना है. पहला क्रॉस-कंट्री जोन होगा, जिसे आउटडोर खेलों और गतिविधियों के केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा. यहां चेयरलिफ्ट और पोमा स्की लिफ्ट को फिर से सक्रिय करने का प्रस्ताव है

दूसरा स्की जोन विशेष रूप से बर्फीले रोमांच और ऊंचाई वाले खेलों के लिए विकसित किया जाएगा. इससे औली की स्कीइंग पहचान को और मजबूत करने में मदद मिलेगी.तीसरा गोरसों जोन हाई-एल्टीट्यूड एडवेंचर पर केंद्रित होगा. यहां स्की टूरिंग के साथ छोटे झील क्षेत्र और ट्रेकर्स के लिए विश्राम स्थलों को विकसित करने की योजना है. इससे एडवेंचर पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए नए अनुभव उपलब्ध होंगे

औली के विकास की योजना की खास बात यह है कि पर्यटन को सिर्फ बर्फबारी के मौसम तक सीमित नहीं रखा जाएगा. गर्मियों में हाइकिंग, माउंटेन बाइकिंग, जिपलाइन और पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी है. वहीं सर्दियों में स्कीइंग, स्नोशूइंग और स्की टूरिंग जैसे विकल्प पर्यटकों को आकर्षित करेंगे

इस तरह औली को एक ऐसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कोशिश है, जहां मौसम के अनुसार अलग-अलग गतिविधियों का आनंद लिया जा सके. इससे ऑफ-सीजन में भी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने और स्थानीय पर्यटन कारोबार को निरंतर गतिविधि देने में मदद मिल सकती है

औली और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार का सीधा लाभ स्थानीय लोगों और युवाओं को मिलने की उम्मीद है. होटल, होमस्टे, ट्रांसपोर्ट, गाइड सेवाओं, एडवेंचर स्पोर्ट्स और स्थानीय उत्पादों से जुड़े कारोबार में नए अवसर पैदा हो सकते हैं. उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य औली को अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्की और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, जोशीमठ-औली-गोरसों को रोपवे से जोड़ने के साथ पर्यटकों को वर्षभर नए पर्यटन अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है. सरकार का मानना है कि इससे शीतकालीन खेलों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय रोजगार और पर्यटन कारोबार को भी गति मिलेगी

औली की प्राकृतिक खूबसूरती, बर्फीली ढलानों और हिमालयी वातावरण के साथ अगर सालभर की एडवेंचर गतिविधियां जुड़ती हैं, तो यह क्षेत्र उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र पर एक और प्रमुख आकर्षण के रूप में उभर सकता है. योजना का फोकस यही है कि औली की पहचान सिर्फ विंटर डेस्टिनेशन के तौर पर नहीं, बल्कि पूरे साल घूमने और एडवेंचर का अनुभव लेने वाले पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित हो