Uttarakhand Politics News: उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा में नगर निकाय चुनाव के मतदान के बाद स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हुए विवाद ने सि…
Uttarakhand Politics News: उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा में नगर निकाय चुनाव के मतदान के बाद स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हुए विवाद ने सियासी माहौल गरमा दिया है। स्ट्रांग रूम के सामने पर्दे और तिरपाल लगाए जाने को लेकर कांग्रेस की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद मामला धरने, नोकझोंक और हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच भी विवाद हुआ और पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया।
अब इस पूरे घटनाक्रम पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने प्रतिक्रिया दी है। रावत ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या अब चुनाव गुंडागर्दी से जीते जाएंगे?” उन्होंने घटना को लेकर चुनाव आयोग से संज्ञान लेने की मांग की है।
किच्छा नगर पालिका चुनाव के दौरान मतदान के बाद मतपेटियों को स्ट्रांग रूम में जमा कराने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान स्ट्रांग रूम के सामने लगाए गए पर्दे और तिरपाल को लेकर कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई।
कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। रिपोर्टों के मुताबिक, विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के समर्थक भी आमने-सामने आ गए।
मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा। इसके बाद कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई और स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई। पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में लिया।
घटना के दौरान विधायक तिलकराज बेहड़ को थप्पड़ मारे जाने का आरोप भी सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार, विवाद के दौरान राजेश शुक्ला के साथ मौजूद एक समर्थक पर बेहड़ को थप्पड़ मारने का आरोप लगाया गया। घटना के बाद मौके पर हंगामा और बढ़ गया।
हालांकि, पूरे घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप और दावे सामने आए हैं। इसलिए मारपीट से जुड़े आरोपों को संबंधित पक्षों के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
किच्छा के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सत्तारूढ़ दल पर गंभीर आरोप लगाए। रावत ने कहा कि “क्या अब चुनाव गुंडागर्दी से जीते जाएंगे?”
रावत ने आरोप लगाया कि किच्छा में हारती हुई सत्तारूढ़ पार्टी ने गुंडागर्दी शुरू कर दी है और कांग्रेस प्रत्याशी तथा विधायक तिलकराज बेहड़ के साथ पुलिस और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मारपीट हुई।
यह आरोप हरीश रावत की ओर से लगाया गया है। घटना को लेकर भाजपा और कांग्रेस पक्ष की अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
हरीश रावत ने किच्छा की घटना को लेकर चुनाव आयोग से संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि छोटे स्तर के पंचायत और नगर निकाय चुनावों में भी चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश होगी, तो यह लोकतंत्र के लिए स्वस्थ संकेत नहीं है।
रावत ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में एकजुट होकर संघर्ष करेगी। उन्होंने तिलकराज बेहड़ और पार्टी की ओर से आगे तय किए जाने वाले कार्यक्रमों में साथ देने की बात कही।
किच्छा में स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। एक ओर कांग्रेस ने स्ट्रांग रूम की व्यवस्था और घटना को लेकर सवाल उठाए हैं, वहीं विवाद के दौरान भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला और कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ भी आमने-सामने आ गए।
रिपोर्टों के मुताबिक, मतदान के बाद मतपेटियों को जमा कराने को लेकर भी देर रात तक हंगामे की स्थिति बनी रही। कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से मतपेटियों को लेकर भी आरोप लगाए गए, जबकि इन आरोपों पर प्रशासनिक पक्ष की स्थिति अलग हो सकती है।
किच्छा की घटना ने उत्तराखंड के स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान राजनीतिक टकराव को चर्चा में ला दिया है। स्ट्रांग रूम जैसी संवेदनशील व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई और दोनों नेताओं को हिरासत में लिए जाने से मामला और गंभीर हो गया। अब इस पूरे प्रकरण में चुनाव आयोग और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
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