बिसौली/बदायूं। तहसील बिसौली क्षेत्र के ग्राम राजपुर कटघर स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय के बाहर लंबे समय से गंदगी, कीचड़ और जलभराव की समस्या बनी हुई है। ग्रामी…
बिसौली/बदायूं। तहसील बिसौली क्षेत्र के ग्राम राजपुर कटघर स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय के बाहर लंबे समय से गंदगी, कीचड़ और जलभराव की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय के मुख्य मार्ग के आसपास गंदा पानी जमा होने के कारण छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है।
ग्रामीणों के मुताबिक, विद्यालय के आसपास साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर करीब एक माह पहले जिलाधिकारी बदायूं को शपथ पत्र के साथ लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत में मामले की जांच कराने, विद्यालय के आसपास सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की गई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद 28 जुलाई को जिला विकास अधिकारी मनोज कुमार सिंह की ओर से संबंधित सचिव से सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी उन्हें समस्या से राहत नहीं मिली।शिकायतकर्ताओं का दावा है कि संबंधित सचिव के खिलाफ लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है। ग्रामीणों ने मामले की जांच की स्थिति सार्वजनिक करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान तारावती और ग्राम सचिव प्रियापाल को विद्यालय के बाहर गंदगी और जलभराव की समस्या की जानकारी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया।ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर समय रहते सफाई और जल निकासी की व्यवस्था कर दी जाती तो स्कूली बच्चों को गंदगी और कीचड़ के बीच से होकर नहीं गुजरना पड़ता।
विद्यालय में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को रोजाना गंदगी और कीचड़ वाले रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, रास्ते में जमा गंदे पानी के कारण बच्चों के कपड़े खराब होने के साथ ही फिसलने का खतरा भी बना रहता है।अभिभावकों का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे कम उम्र के होते हैं। ऐसे में विद्यालय के आसपास साफ-सुथरा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के दिनों में विद्यालय के आसपास जलभराव की समस्या बढ़ जाती है। पर्याप्त जल निकासी नहीं होने के कारण पानी लंबे समय तक जमा रहता है और रास्ते में कीचड़ हो जाता है।इससे बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को विद्यालय तक पहुंचने में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का अस्थायी समाधान करने के बजाय जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जरूरत है।
ग्रामीणों के अनुसार, जिलाधिकारी को दिए गए शपथ पत्र में मामले की निष्पक्ष जांच कराने और विद्यालय के आसपास तत्काल सफाई कराने की मांग की गई थी।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे और जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा जाएगा। लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि शिकायत के करीब एक माह बाद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पंचायत विभाग के अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें हैं—
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल सफाई की समस्या नहीं है, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण से जुड़ा मामला है। इसलिए प्रशासन को शिकायत पर जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बदायूं और संबंधित पंचायत विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, विद्यालय के बाहर सफाई एवं जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
नोट: इस खबर में लगाए गए लापरवाही और कार्रवाई न होने संबंधी आरोप शिकायतकर्ताओं/ग्रामीणों के दावों पर आधारित हैं। संबंधित अधिकारियों या ग्राम पंचायत का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।





