लखनऊ, 24 अगस्त। रक्षाबंधन के मौके पर बहनों को भाइयों तक पहुंचने में किराये की चिंता न हो, इसके लिए योगी सरकार लगातार निशुल्क बस यात्रा की सुविधा देती आ रही है।…
लखनऊ, 24 अगस्त। रक्षाबंधन के मौके पर बहनों को भाइयों तक पहुंचने में किराये की चिंता न हो, इसके लिए योगी सरकार लगातार निशुल्क बस यात्रा की सुविधा देती आ रही है। वर्ष 2017 से 2025 तक लगातार नौ रक्षाबंधन पर महिलाओं को इस सुविधा का लाभ मिला। इस दौरान 2.01 करोड़ से अधिक निशुल्क टिकट जारी किए गए, जिनकी किराया समतुल्य राशि 188.41 करोड़ रुपये आंकी गई है।
योगी सरकार की यह पहल रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए एक बड़ी जनसुविधा के रूप में सामने आई है। वर्ष 2017 में जहां करीब 11 लाख महिलाओं ने निशुल्क बस यात्रा का लाभ उठाया था, वहीं वर्ष 2025 तक यह आंकड़ा कई गुना बढ़ गया। बीते वर्षों में महिलाओं की यात्रा को सुगम बनाने के साथ-साथ सरकार ने सुविधा का दायरा भी बढ़ाया।
वर्ष 2025 में रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं के साथ उनके एक सहयात्री को भी निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई। 8 अगस्त 2025 की सुबह छह बजे से 10 अगस्त की मध्यरात्रि तक 66 घंटे की अवधि में करीब 63.14 लाख महिला यात्रियों और उनके 15.11 लाख से अधिक सहयात्रियों ने निशुल्क यात्रा की। इस दौरान कुल 78.26 लाख से अधिक निशुल्क टिकट जारी किए गए, जिनका किराया मूल्य करीब 86.98 करोड़ रुपये रहा।
परिवहन निगम के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017 में 11,16,332 महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की थी। 2018 में यह संख्या 11,69,226, 2019 में 12,04,085 और 2020 में 7,36,605 रही। वर्ष 2021 में 9,63,466, 2022 में 22,32,322, 2023 में 29,29,755 और 2024 में 19,78,403 महिला यात्रियों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। वर्ष 2025 में महिलाओं के साथ सहयात्री को भी सुविधा मिलने के बाद निशुल्क टिकटों की संख्या बढ़कर 78,26,324 हो गई।
यूपीएसआरटीसी प्रधान महाप्रबंधक संचालन अनिल कुमार के मुताबिक वर्ष 2017 में शुरू हुई निशुल्क बस यात्रा की पहल अब रक्षाबंधन पर योगी सरकार की प्रमुख जनसुविधाओं में शामिल हो चुकी है। नौ वर्षों में 2.01 करोड़ से अधिक निशुल्क टिकट जारी होना और 188.41 करोड़ रुपये के किराये के बराबर लाभ मिलना इस योजना के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है। परिवहन विभाग आने वाले वर्षों में भी यात्रियों को सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
रक्षाबंधन के अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए दूसरे शहरों और गांवों की यात्रा करती हैं। ऐसे में निशुल्क बस यात्रा उनके लिए सीधे तौर पर आर्थिक राहत का माध्यम बनती है। खासकर सामान्य और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह सुविधा त्योहार के दौरान यात्रा के अतिरिक्त खर्च को कम करने में मदद करती है।
सरकार की ओर से त्योहार के दौरान अतिरिक्त बसों और फेरों की व्यवस्था भी की जाती है, ताकि यात्रियों को भीड़ के बीच आवागमन में परेशानी न हो। निशुल्क बस यात्रा की यह पहल महिलाओं के सम्मान, सुविधा और आत्मनिर्भरता से जुड़े सरकार के विजन का हिस्सा मानी जा रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं की जरूरी यात्राओं में आर्थिक और परिवहन संबंधी बाधाओं को कम करना और उन्हें त्योहारों व पारिवारिक अवसरों पर अपने प्रियजनों तक आसानी से पहुंचने की सुविधा देना है।





