राजस्थान में भाजपा ने तीन बड़े नगर निगमों पर अपना कब्जा जमाया है. तीनों नगर निगमों में भाजपा के महापौर ने जीत हासिल की है. जयपुर और कोटा में भाजपा के पास स्पष्…
राजस्थान में भाजपा ने तीन बड़े नगर निगमों पर अपना कब्जा जमाया है. तीनों नगर निगमों में भाजपा के महापौर ने जीत हासिल की है. जयपुर और कोटा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत था. मगर जोधपुर में कड़ी टक्कर मिली, यहां पर भाजपा को जीत हासिल हुई. जोधपुर पूर्व सीएम अशोक गहलोत का गढ़ रहा है. मगर यहां भी कांग्रेस के हाथ कुछ नहीं लगा. नतीजों में यहां भाजपा और कांग्रेस में मात्र एक पार्षद का अंतर था. जयपुर में सुनील कोठारी, कोटा में अनुसुईया गौस्वामी और जोधपुर में भाजपा के प्रसन्न मेहता मेयर चुने गए हैं. ऐसे में शहर की सरकार में अब राजस्थान के 10 में से 9 नगर निगमों में भाजपा के मेयर होंगे. केवल बीकानेर में कांग्रेस का मेयर बना है
जोधपुर में सबसे तगड़ा मुकाबला कड़ा था. यहां पर 100 वार्डों के परिणामों में भाजपा ने यहां 45 और कांग्रेस ने 44 वार्डों पर जीत हासिल की है. वहीं 10 निर्दलीय और 1 पार्षद थे. लेकिन तीनों में प्रसन्न मेहता को 53 वोट और कांग्रेस प्रत्याशी को महज 47 वोट हासिल हुए. मारवाड़ का अहम शहर जोधपुर पूर्व सीएम अशोक गहलोत का गढ़ है, लेकिन यहां भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा. दोनों ही दलों ने अपने पार्षदों और निर्दलीयों की बाड़ेबंदी की थी, मगर जीत भाजपा को मिली है
जयपुर नगर निगम में भी भाजपा को बड़ी जीत हासिल हुई है. सुनील कोठारी यहां से मेयर चुने गए. भाजपा को 89 मत प्राप्त हुए. 1 मत नोटा को और 60 मत कांग्रेस को मिले. मेयर बनने के बाद सुनील कोठारी ने कहा कि जयपुर को स्वच्छ और विकास के आधार पर आगे बढ़ाएंगे, परकोटे के हेरिटेज को संरक्षित करना लक्ष्य होगा. जयपुर की जीत भाजपा के लिए अहम मानी जा रही है
कोटा नगर निगम के महापौर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की. भाजपा की वार्ड 98 की पार्षद अनुसुईया गोस्वामी को महापौर निर्वाचित किया गया. मतदान में उन्हें 65 वोट हासिल हुए. वहीं कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता सुमन को 35 वोट मिले. अनुसुईया गोस्वामी ने 30 वोट के अंतर से जीत मिली है. कोटा नगर निगम में कुल 100 पार्षद हैं. चुनाव से पहले भाजपा के 57, कांग्रेस के 39 और 4 निर्दलीय पार्षद थे. इनमें से दो निर्दलीय पार्षदों ने पहले ही भाजपा को समर्थन दिया था. ऐसे में भाजपा के पक्ष में 59 पार्षदों को समर्थन मिला था. इसके बाद भी भाजपा प्रत्याशी अनुसुईया गोस्वामी को 65 वोट मिले. महापौर चुनाव में कांग्रेस के पास 39 पार्षद थे, लेकिन उसकी प्रत्याशी सुनीता सुमन को 35 वोट मिले. कांग्रेस के पार्षदों की संख्या और प्रत्याशी को मिले वोटो में 4 वोट का अंतर रहा. परिणाम के बाद कांग्रेस खेमे में क्रॉस वोटिंग की चर्चा हो रही है





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