पंजाब की राजनीति में 22 सितंबर को एक अहम घटनाक्रम सामने आया है. खडूर साहिब से पूर्व विधायक और दिवंगत अकाली नेता रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा के बेटे रविंदर सिंह ब्रह्…

पंजाब की राजनीति में 22 सितंबर को एक अहम घटनाक्रम सामने आया है. खडूर साहिब से पूर्व विधायक और दिवंगत अकाली नेता रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा के बेटे रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा अपने समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में उन्हें और उनके साथ आए नेताओं का पार्टी में स्वागत किया

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब की राजनीति में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं. रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा को सितंबर के मध्य में शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया था

रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब और समाज के लिए अच्छी सोच रखने वाले लोगों का AAP में स्वागत है

मान के मुताबिक, ब्रह्मपुरा के पार्टी में आने से माझा क्षेत्र के साथ-साथ पंजाब में AAP को मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मिलकर पंजाब के विकास तथा ‘रंगला पंजाब’ के लक्ष्य के लिए काम करेंगे

मुख्यमंत्री ने नए शामिल हुए नेताओं से पार्टी की नीतियों और सरकार के काम को लोगों तक पहुंचाने की भी अपेक्षा जताई

रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा के साथ कई स्थानीय नेता और समर्थक भी AAP में शामिल हुए. इनमें कंवरदीप सिंह ब्रह्मपुरा, अमरीक सिंह सरपंच, हरजिंदर सिंह बादशाह, बलबीर सिंह बल्ली, जतिंदर सिंह कैरों, फतेह, परमिंदर सिंह कैरों, गुरभेज सिंह कैरों, लवप्रीत सिंह कैरों, बलजिंदर सिंह गोहलवार, गौरवदीप सिंह खैरा, जगमीत हुंदल और गुरप्रीत सिंह के नाम शामिल हैं

इन नेताओं के शामिल होने से पार्टी का माझा क्षेत्र में स्थानीय संगठन और राजनीतिक नेटवर्क बढ़ने की संभावना है. हालांकि इसका चुनावी असर कितना होगा, यह आने वाले समय में सामने आएगा

रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा का AAP में शामिल होना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ ही दिन पहले वह शिरोमणि अकाली दल में थे. 15 सितंबर को SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया था

SAD की ओर से उनके खिलाफ पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप लगाए गए थे. पार्टी ने कहा था कि खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की ओर से उनके खिलाफ लिखित शिकायतें मिली थीं

पार्टी से निष्कासन के बाद रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया था. उन्होंने कहा था कि वह खडूर साहिब क्षेत्र में नशे और गैंगस्टरवाद के खिलाफ आवाज उठा रहे थे

इससे पहले अप्रैल 2026 में भी ब्रह्मपुरा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर खडूर साहिब क्षेत्र में नशे और गैंगस्टरवाद के मुद्दे पर कार्रवाई की मांग की थी

माझा पंजाब का एक प्रमुख क्षेत्र है, जिसमें अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट और तरनतारन जैसे इलाके आते हैं. इस क्षेत्र में अलग-अलग राजनीतिक दलों का अपना संगठनात्मक और सामाजिक आधार रहा है

रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा का राजनीतिक परिवार से संबंध भी इस घटनाक्रम को अहम बनाता है. उनके पिता रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं में रहे हैं और खडूर साहिब क्षेत्र की राजनीति में उनकी पहचान रही है.ऐसे में ब्रह्मपुरा का AAP में जाना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बना है

AAP में शामिल होने के बाद नए नेताओं की ओर से पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने और पंजाब के विकास के लिए काम करने की बात कही गई है

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी अपने संदेश में विकास और ‘रंगला पंजाब’ की परिकल्पना को प्रमुखता दी. ऐसे में पार्टी के लिए इस नए राजनीतिक जुड़ाव को संगठन विस्तार और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में देखा जा रहा है

रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा के AAP में शामिल होने के बाद अब माझा क्षेत्र में पार्टी की स्थानीय राजनीति पर नजर रहेगी. खास तौर पर खडूर साहिब क्षेत्र में इसका संगठनात्मक असर किस तरह दिखाई देता है, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा

फिलहाल इतना तय है कि ब्रह्मपुरा का दल बदल पंजाब की मौजूदा राजनीतिक हलचल में एक नया घटनाक्रम है. एक तरफ उन्होंने SAD से अलग होकर AAP का दामन थामा है, वहीं AAP नेतृत्व ने इसे पार्टी के विस्तार और पंजाब के विकास के लिए नए नेताओं के जुड़ने के रूप में पेश किया है