पचोखरा थाना क्षेत्र के नगला दल गांव में अनुसूचित जाति और क्षत्रिय समाज के लोगों के बीच विवाद के बाद तनाव का माहौल है, मामले में एक पक्ष की शिकायत पर क्षत्रिय स…
पचोखरा थाना क्षेत्र के नगला दल गांव में अनुसूचित जाति और क्षत्रिय समाज के लोगों के बीच विवाद के बाद तनाव का माहौल है, मामले में एक पक्ष की शिकायत पर क्षत्रिय समाज के 21 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, इसके बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई जा रही है, ग्रामीणों ने मामले को लेकर पर्यटन मंत्री से शिकायत करते हुए पुलिस की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, नगला दल निवासी रोहित कुमार की ताई की मृत्यु के बाद 23 अगस्त को भोज का आयोजन किया गया था। इसी दौरान ठाकुर समाज के तीन लोग बाइक से वहां से गुजर रहे थे, आरोप है कि बाइक की टक्कर से अनुसूचित जाति पक्ष का एक बच्चा घायल हो गया, इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों और बाइक सवारों के बीच विवाद हो गया। आरोप के मुताबिक, इसी दौरान एक बाइक सवार ने एक युवक को थप्पड़ मार दिया।
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शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि इसके बाद क्षत्रिय समाज के कुछ लोगों ने अनुसूचित जाति के लोगों के साथ मारपीट की, आरोप यह भी है कि बाद में कुछ लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर पहुंचे और मारपीट की, महिलाओं के साथ अभद्रता किए जाने का आरोप भी लगाया गया है, मामले के बाद पुलिस ने गांव निवासी पप्पू के तीन बेटों को शांतिभंग की आशंका में पाबंद किया था।
इसके बाद 25 अगस्त को रोहित कुमार की तहरीर के आधार पर गांव के ही क्षत्रिय समाज के 21 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई, FIR में SC/ST एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है वहीं, क्षत्रिय समाज के लोगों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी है, उनका कहना है कि प्राथमिकी दर्ज करने से पहले मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी CO टूंडला अरुण चौरसिया को दी गई है, CO ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
नोट: मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है, आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।





