NEET-UG: विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले उन छात्रों को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिली है, जिनका पुराना NEET-UG स्कोरकार्ड खो गया है और इस वजह से उन्हें विदेशी…

NEET-UG: विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले उन छात्रों को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिली है, जिनका पुराना NEET-UG स्कोरकार्ड खो गया है और इस वजह से उन्हें विदेशी मेडिकल स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) में आवेदन करने में परेशानी हो रही थी। हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को आवेदन और जरूरी दस्तावेज मिलने के बाद सात दिन के अंदर डुप्लीकेट स्कोरकार्ड जारी करने का निर्देश दिया है

जस्टिस जस्मीत सिंह की पीठ के सामने कई मेडिकल ग्रेजुएट्स की याचिकाएं आई थीं। इन छात्रों ने विदेश की मेडिकल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है और भारत में डॉक्टर के तौर पर आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए विदेशी मेडिकल स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) में शामिल होना है। लेकिन पुराने नीट-यूजी स्कोरकार्ड उपलब्ध नहीं होने की वजह से उन्हें आवेदन करने में दिक्कत आ रही थी

मामला इसलिए भी अहम था क्योंकि 2026 की विदेशी मेडिकल स्नातक परीक्षा 31 अक्टूबर को प्रस्तावित है। ऐसे में छात्रों के पास जरूरी दस्तावेज जुटाने के लिए ज्यादा समय नहीं बचा था। कोर्ट ने मौजूदा बैच के छात्रों के लिए दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया को आसान किया है

हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2026 को एनटीए की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन में बताई गई प्रक्रिया पर भी विचार किया। कोर्ट के सामने बताया गया कि इस बैच के छात्रों से स्कोरकार्ड खोने की पुलिस रिपोर्ट और फोटो के सत्यापन जैसे कुछ दस्तावेजों पर जोर नहीं दिया जा रहा है

कोर्ट के निर्देश के मुताबिक छात्रों को तय आवेदन पत्र, स्कोरकार्ड खोने या खराब होने से जुड़ा खुद के हस्ताक्षर वाला हलफनामा, दो हालिया पासपोर्ट साइज फोटो, पहचान पत्र की स्व-प्रमाणित प्रति और अगर उपलब्ध हो तो प्रवेश पत्र या पंजीकरण पर्ची देनी होगी। इसके अलावा तय शुल्क जमा करने का प्रमाण और जरूरी क्षतिपूर्ति से जुड़े दस्तावेज भी देने होंगे

सबसे अहम बात यह है कि पूरे आवेदन और जरूरी दस्तावेज मिलने के बाद एनटीए को सात दिनों के अंदर डुप्लीकेट नीट-यूजी स्कोरकार्ड जारी करना होगा। आवेदन ऑनलाइन और एनटीए की ओर से बताए गए ईमेल के जरिए भी भेजा जा सकता है। मौजूदा बैच के छात्रों को शुल्क जमा करने के लिए एनईएफटी की सुविधा भी दी गई है

हाईकोर्ट ने परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक छात्रों को राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) को पत्र देकर अपनी इच्छा बताने की भी अनुमति दी है। इस पत्र को परीक्षा में शामिल होने के आवेदन के तौर पर माना जाएगा।अगर दस्तावेजों में कोई कमी रह जाती है तो उसे 21 अक्टूबर 2026 की रात 11 बजकर 55 मिनट तक पूरा करना होगा

इससे पहले भी नीट-यूजी स्कोरकार्ड से जुड़ी ऐसी परेशानी के मामले दिल्ली हाईकोर्ट के सामने आए हैं। मई 2026 में कोर्ट ने एनटीए के रिकॉर्ड में मौजूद जानकारी के आधार पर संबंधित छात्रों को राहत दी थी। वही आदेश से उन मेडिकल ग्रेजुएट्स को राहत मिलेगी, जिन्हें सिर्फ पुराना नीट-यूजी स्कोरकार्ड उपलब्ध नहीं होने की वजह से विदेशी मेडिकल स्नातक परीक्षा में आवेदन करने में परेशानी हो रही थी। हालांकि, डुप्लीकेट स्कोरकार्ड मिलने के बाद भी छात्रों को परीक्षा और मेडिकल पंजीकरण से जुड़े बाकी सभी जरूरी नियम पूरे करने होंगे