संयुक्त राष्ट्र महासभा के 18वें सत्र के दौरान शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा और हिफाजत पर 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स' की पहली मीटिंग में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयश…

'दुनिया के देश एक साथ आएं और नाविकों पर हो रहे हमले रोकें', विदेश मंत्री जयशंकर की दो टूक, समुद्र में जहाजों पर हमले का मुद्दा UNGA में गूंजा

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 18वें सत्र के दौरान शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा और हिफाजत पर 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स' की पहली मीटिंग में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा समुद्री व्यापार में बाधा डालने वाले और बेगुनाह लोगों की जान लेने वाले ये काम बिल्कुल भी जायज नहीं ठहराए जा सकते

अंतरराष्ट्रीय न्यूज

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 18वें सत्र के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 'शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा और संरक्षा पर 'ग्रुप ऑफ़ फ्रेंड्स' की उद्घाटन बैठक में समुद्री व्यापार में बाधा डालने वाले और बेगुनाह लोगों की जान लेने वाले के खिलाफ भारत का पक्ष रखा

बैठक को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा पिछले कुछ महीनों में, खाड़ी, लाल सागर और उसके आस-पास के इलाकों में कमर्शियल शिपिंग और नाविकों पर बार-बार हमले हुए हैं। इस दौरान उन्होंने भारतीय नाविकों और नागरिकों के मारे जाने पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा काला सागर से लेकर लाल सागर और खाड़ी तक, आम लोगों के जहाज़ों पर हमले चिंता का एक बढ़ता हुआ कारण बन गया है

भारतीय नाविकों की सुरक्षा-हिफाजत पर चिंता जाहिर की

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 'ग्रुप ऑफ़ फ्रेंड्स' की पहली मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा 'भारत, जो नाविकों का एक बड़ा स्रोत है। दो दिन पहले, एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाले एक बल्क कैरियर, MV केप दाओ पर ओमान की खाड़ी में हमला हुआ और एक भारतीय नाविक की जान चली गई

उससे दस दिन पहले, पनामा के झंडे वाले एक ऑयल टैंकर, एल गैया पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रते समय हमला हुआ और उस घटना के बाद एक भारतीय क्रू मेंबर लापता हो गया। अफ़सोस की बात है कि ये अब कोई अनोखी घटनाएँ नहीं रह गई हैं। पिछले कुछ महीनों में, खाड़ी, लाल सागर और उसके आस-पास के इलाकों में कमर्शियल शिपिंग और नाविकों पर बार-बार हमले हुए हैं

जहाजों पर हमले एक बहुत बड़ी चिंता

जयशंकर ने आगे कहा '18 जुलाई को रूसी समुद्री सीमा में MV ओमोर्फी पर हमला हुआ और उसके चीफ ऑफिसर, जो एक भारतीय नागरिक थे, मारे गए। अगले दिन, ओडेसा से निकलने के बाद MV गोल्डन लियो पर हमला हुआ और चार भारतीय नाविकों की जान चली गई। मैंने जो उदाहरण दिए, उनमें भारतीय नाविक शामिल थे, लेकिन इस साल ऐसी घटनाओं में कई अन्य देशों के लोग भी मारे गए हैं। काला सागर से लेकर लाल सागर और खाड़ी तक, आम लोगों के जहाज़ों पर हमले चिंता का एक बढ़ता हुआ कारण बन गए हैं

अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होना होगा

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होने की वकालत करते हुए जयशंकर ने कहा समुद्री व्यापार में बाधा डालने वाले और बेगुनाह लोगों की जान लेने वाले ये काम बिल्कुल भी जायज नहीं ठहराए जा सकते। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होने और ऐसे हमलों को रोकने का आग्रह करने के लिए आए हैं। दुनिया में हर दिन 140 बिलियन डॉलर से ज्यादा का अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है, और इनमें से 80 प्रतिशत से ज़्यादा गतिविधियाँ समुद्र के ज़रिए होती हैं। हमारी सप्लाई चेन आपस में गहराई से जुड़ी हुई हैं, इसलिए समुद्री इलाकों की सुरक्षा बहुत जरूरी है

ब्रिक्स में ‘नाविक आपातकालीन सहायता नेटवर्क’ का प्रस्ताव

बैठक में ब्रिक्स के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'नाविक आपातकालीन सहायता नेटवर्क' बनाने के प्रस्ताव पर जोर देते हुए जयशंकर ने कहा 'जब भारत ने ब्रिक्स समिट की मेजबानी की थी, तो हमने इसी चिंता को उठाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने 'नाविक आपातकालीन सहायता नेटवर्क' बनाने का प्रस्ताव दिया था, जो संबंधित देशों के समुद्री अधिकारियों और दूतावासों को जोड़ सकता है, और संकट के समय अलर्ट, चिकित्सा सहायता, परिवारों से बातचीत और ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षित निकालने में मदद कर सकता है

पिछले साल नवंबर में, हमने ग्रीस और फिलीपींस के साथ मिलकर UN सुरक्षा परिषद में समुद्री सुरक्षा, संरक्षा और नाविकों की सुरक्षा पर 'एरिया-फॉर्मूला' बैठक आयोजित की थी। हमने अप्रैल 2026 में समुद्री क्षेत्र में जलमार्गों की सुरक्षा और संरक्षा पर हुई उच्च-स्तरीय खुली बहस में भी हिस्सा लिया था

ये भी पढ़ें: 'CM पर दर्ज हो पॉक्सो एक्ट, वरना जाएंगे कोर्ट', जमुई कांड पर तेजस्वी ने सम्राट चौधरी को घेरा, पीड़ित की पहचान उजागर करने का लगाया आरोप