खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीमों ने 13 जिलों में 63 इकाइयों का निरीक्षण कर 43 नमूने एकत्र किये
अभियान के दौरान सचल खाद्य दस्तों और औषधि निरीक्षकों की संयुक्त टीमों ने व्यापक निरीक्षण किया
भ्रामक स्वास्थ्य दावों, गलत लेबलिंग, लाइसेंस अनियमितताओं और खराब गुणवत्ता के खिलाफ कार्रवाई की गई
गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबन व रद्द करने की अनुशंसा
आगरा, बाराबंकी, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, झाँसी, प्रयागराज, मुरादाबाद, लखनऊ, बरेली, हाथरस, मथुरा, गोरखपुर और वाराणसी में अभियान चलाया गया।
लखनऊ, सितंबर 2026: खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश ने राज्य भर में स्वास्थ्य पूरक और न्यूट्रास्यूटिकल्स के नाम पर भ्रामक स्वास्थ्य दावों के माध्यम से उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाली गतिविधियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। विभाग ने स्वास्थ्य अनुपूरक, न्यूट्रास्यूटिकल्स और आहार अनुपूरक के निर्माताओं, रीलेबलर्स, रिपैकर्स और थोक विक्रेताओं के खिलाफ राज्यव्यापी संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया।
अभियान में सचल खाद्य दस्तों एवं औषधि निरीक्षकों की संयुक्त टीमों ने आगरा, बाराबंकी, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, झाँसी, प्रयागराज, मुरादाबाद, लखनऊ, बरेली, हाथरस, मथुरा, गोरखपुर एवं वाराणसी में विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान लगभग 63 इकाइयों का निरीक्षण किया गया, 43 नमूने एकत्र किए गए और लगभग 1 करोड़ रुपये मूल्य के स्वास्थ्य पूरक और न्यूट्रास्यूटिकल्स को संदिग्ध, भ्रामक दावे वाले या नियमों के विपरीत पाए जाने पर जब्त कर लिया गया।
न्यूट्रास्यूटिकल्स ऐसे खाद्य पदार्थ या खाद्य-आधारित उत्पाद हैं जिनमें विटामिन, खनिज, प्रोटीन, ओमेगा -3, प्रोबायोटिक्स या अन्य पोषक तत्व होते हैं, और इनका उद्देश्य स्वास्थ्य का समर्थन करते हुए शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करना है। इन्हें आम तौर पर दवाओं के रूप में नहीं बल्कि पोषण और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले उत्पादों के रूप में माना जाता है
कच्चे माल से लेकर लेबलिंग तक का गहन निरीक्षण






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