मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर नगर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रत्नाकर मिश्रा का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो…
मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर नगर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रत्नाकर मिश्रा का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। वायरल वीडियो में विधायक राम-द्रोहियों और देशद्रोहियों का वोट लेने से इनकार करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के वोट से उनकी EVM अशुद्ध हो जाएगी। साथ ही उन्होंने भारत माता की जय, जय श्री राम और वंदे मातरम बोलने वालों से समर्थन मांगा है।
मिर्जापुर नगर से बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा ने अपने बयान में हिंदू होने पर गर्व जताते हुए कहा कि वह राम-द्रोहियों और देशद्रोहियों का वोट नहीं चाहते। वायरल वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर कहा कि यदि ऐसे लोग उन्हें वोट देते हैं, तो इससे उनकी EVM अशुद्ध हो जाएगी।विधायक के इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को हवा दे दी है। सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की पूरी पृष्ठभूमि और बयान का संदर्भ स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया जाना बाकी है।
वायरल वीडियो में रत्नाकर मिश्रा केवल उन्हीं लोगों का समर्थन मांगते नजर आ रहे हैं, जो भारत माता की जय, जय श्री राम और वंदे मातरम के नारे लगाते हैं।उन्होंने कहा कि जो लोग भारत माता को नहीं मानते, उनका वोट उन्हें स्वीकार नहीं है। अल्पसंख्यक समुदाय का जिक्र करते हुए विधायक ने कथित तौर पर कहा कि यदि वे रामभक्त हैं और भारत माता के प्रति आस्था रखते हैं, तो उनका वोट स्वीकार है।इस बयान के बाद नागरिकों की राजनीतिक भागीदारी, धार्मिक आस्था और चुनावी राजनीति को लेकर चर्चा तेज हो सकती है।
अपने बयान में बीजेपी विधायक ने उन लोगों की भी आलोचना की, जो भारत में रहते हुए पाकिस्तान का गुणगान करते हैं। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि देश में रहकर यहां का खाना खाने के बावजूद देश के खिलाफ बोलने वालों का समर्थन उन्हें नहीं चाहिए।विधायक ने देशभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान को अपने समर्थन की शर्त के रूप में प्रस्तुत किया।
रत्नाकर मिश्रा ने दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए इन्हें कथित तौर पर विदेशी साजिश से जोड़ने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी विदेशी ताकतों के हाथों में खेल रहे हैं।
हालांकि, इस आरोप की पुष्टि के लिए स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्य आवश्यक हैं। संबंधित प्रदर्शन, उसके आयोजकों और विधायक के दावे के बारे में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
रत्नाकर मिश्रा का वायरल बयान धार्मिक नारों, राष्ट्रवाद और वोट की राजनीति जैसे मुद्दों को एक साथ सामने लाता है। बयान को लेकर राजनीतिक दलों और सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण हो सकती हैं।फिलहाल, इस मामले में वायरल वीडियो के पूरे संदर्भ, संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और बयान की स्वतंत्र पुष्टि पर नजर बनी हुई है।






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