उत्तर प्रदेश में गन्ना ढुलाई व्यवस्था को अब डिजिटल तकनीक से जोड़ा जा रहा है। योगी सरकार ने गन्ना किसानों के हितों की रक्षा और चीनी उद्योग में पारदर्शिता बढ़ाने…
उत्तर प्रदेश में गन्ना ढुलाई व्यवस्था को अब डिजिटल तकनीक से जोड़ा जा रहा है। योगी सरकार ने गन्ना किसानों के हितों की रक्षा और चीनी उद्योग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए गन्ना ढुलाई करने वाले वाहनों की जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग की व्यवस्था शुरू करने की पहल की है। इसके तहत गन्ना क्रय केंद्र से लेकर चीनी मिल के गेट तक गन्ने से लदे वाहनों की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस के मुताबिक, इस व्यवस्था के लिए एक केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यहां से अधिकारी 24 घंटे गन्ना लदे वाहनों की आवाजाही की निगरानी करेंगे। इससे वाहनों के अनावश्यक रुकने, तय मार्ग से भटकने या किसी तरह की हेराफेरी की स्थिति पर तत्काल नजर रखी जा सकेगी।
विभाग गन्ना आपूर्ति श्रृंखला को डिजिटल तकनीक से जोड़ने के लिए व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने पर काम कर रहा है। लाइव ट्रैकिंग के जरिए खेत से चीनी मिल तक गन्ने की आवाजाही को व्यवस्थित और समयबद्ध बनाया जाएगा।
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा। कटाई के बाद गन्ने को लंबे समय तक खेत या रास्ते में पड़े रहने से उसका वजन और गुणवत्ता प्रभावित होती है। ऐसे में अब कटाई के 24 घंटे के भीतर गन्ने को चीनी मिल तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
समय पर गन्ना मिल पहुंचने से गन्ने के सूखने और वजन में कमी की समस्या कम होगी। इससे किसानों को संभावित आर्थिक नुकसान से राहत मिलेगी और गन्ना आपूर्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
गन्ना ढुलाई की लाइव मॉनिटरिंग की यह पहल प्रदेश के चीनी उद्योग में डिजिटल बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल परिवहन व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी, बल्कि किसानों के हितों की निगरानी भी तकनीक के जरिए मजबूत होगी।





