गोरखपुर, 17 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इलाज के…
गोरखपुर, 17 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार उनके इलाज में हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।
आयुष्मान योजना से मदद मिलने के बाद भी यदि इलाज के लिए अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता हो तो मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी।महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री लोगों के बीच पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों के प्रार्थना पत्रों का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद तरीके से किया जाए।जनता दर्शन में देवरिया से पहुंचे एक दिव्यांग व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उसके इलाज की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बातचीत के दौरान जब उन्हें पता चला कि दिव्यांग का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है तो उन्होंने तत्काल उसका आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने उसकी दिव्यांग पेंशन के बारे में भी जानकारी ली। पेंशन पहले मिलने और फिलहाल बंद होने की जानकारी पर उन्होंने अधिकारियों को पेंशन बहाल कराने के निर्देश दिए।गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह गुरु गोरखनाथ और अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से गोवंश को गुड़ खिलाया और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने गोशाला के कार्यकर्ताओं से गोवंश के स्वास्थ्य, टीकाकरण और देखभाल की व्यवस्था के बारे में जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।





