लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस बल को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस करने की तैयारी तेज हो गई है। हिंसक प्रदर्शन, पथराव, भीड…

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस बल को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस करने की तैयारी तेज हो गई है। हिंसक प्रदर्शन, पथराव, भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रदेश पुलिस के लिए बड़ी संख्या में नए उपकरण खरीदे जाएंगे।इसके लिए गृह विभाग ने करीब ₹29.45 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। प्रस्तावित खरीद में लाठी, हेलमेट और पीवीसी शील्ड के साथ बैलिस्टिक शील्ड और लाउड हेलर भी शामिल हैं।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए कुल 90 हजार प्रमुख सुरक्षा उपकरण खरीदे जाने की योजना है। इसमें शामिल हैं:

इन उपकरणों को पुलिस बल की जरूरत और विभिन्न कानून-व्यवस्था परिस्थितियों के अनुसार इस्तेमाल किया जाएगा।

हिंसक भीड़ या पथराव की स्थिति में पुलिसकर्मियों को सीधे चोट लगने का खतरा रहता है। ऐसे में हेलमेट सिर की सुरक्षा में मदद करते हैं, जबकि पीवीसी शील्ड सामने से आने वाले पत्थरों और अन्य वस्तुओं से बचाव का साधन बन सकती हैं।बड़ी संख्या में हेलमेट और शील्ड की खरीद से भीड़ नियंत्रण के दौरान पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रस्तावित खरीद में 1,500 बैलिस्टिक शील्ड भी शामिल हैं। ये अपेक्षाकृत उच्च जोखिम वाली परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।इनका उपयोग उन परिस्थितियों में किया जा सकता है जहां पुलिस बल के सामने गंभीर और असामान्य सुरक्षा खतरा मौजूद हो।

पुलिस के लिए 1,500 लाउड हेलर भी खरीदे जाएंगे। बड़े प्रदर्शन, जुलूस या भीड़ के दौरान शोर की वजह से सामान्य आवाज में दिए गए निर्देश लोगों तक आसानी से नहीं पहुंच पाते।ऐसे में लाउड हेलर के जरिए पुलिस लोगों को पीछे हटने, रास्ता खाली करने, शांत रहने या निर्धारित दिशा में जाने जैसे निर्देश अधिक स्पष्ट तरीके से दे सकती है।

उत्तर प्रदेश में समय-समय पर बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम, धार्मिक आयोजन, जुलूस, राजनीतिक कार्यक्रम और प्रदर्शन होते रहते हैं। ऐसे आयोजनों में पुलिस के सामने भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ नागरिकों और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होती है।पथराव या अचानक हिंसा की स्थिति में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण पुलिसकर्मियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। सरकार की यह खरीद इसी व्यापक कानून-व्यवस्था व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आगामी त्योहारों, बड़े आयोजनों, चुनावी परिस्थितियों और अन्य कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों को देखते हुए भी पुलिस संसाधनों को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन उपकरणों को जरूरत के मुताबिक अलग-अलग जिलों और पुलिस इकाइयों में वितरित किया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात पुलिस बल को प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

पुलिस को आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना कानून-व्यवस्था की तैयारी का अहम हिस्सा है, लेकिन इन उपकरणों का प्रभावी इस्तेमाल करने के लिए जवानों को उचित प्रशिक्षण भी जरूरी होगा।भीड़ नियंत्रण के दौरान पुलिस की भूमिका केवल बल प्रयोग तक सीमित नहीं होती। स्थिति का आकलन, संवाद, चेतावनी, सुरक्षित दूरी बनाए रखना और कानून के दायरे में कार्रवाई करना भी महत्वपूर्ण होता है।इसलिए नए उपकरणों के साथ उनके सही इस्तेमाल, रखरखाव और नियमित प्रशिक्षण पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।

खरीदे जाने वाले उपकरणों को पुलिस मुख्यालय की योजना के अनुसार अलग-अलग जिलों और पुलिस इकाइयों में वितरित किया जा सकता है। इससे संवेदनशील इलाकों में तैनात पुलिस बल को अतिरिक्त सुरक्षा संसाधन उपलब्ध होंगे।इस खरीद का मुख्य उद्देश्य किसी भी चुनौतीपूर्ण कानून-व्यवस्था की स्थिति में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा बढ़ाना और भीड़ नियंत्रण की क्षमता को मजबूत करना है।

करीब ₹29.45 करोड़ की स्वीकृत राशि से होने वाली यह खरीद पुलिस के सुरक्षा संसाधनों को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 30 हजार पीवीसी लाठी, 30 हजार हेलमेट और 30 हजार पीवीसी शील्ड के साथ 1,500 बैलिस्टिक शील्ड और 1,500 लाउड हेलर पुलिस बल को अलग-अलग परिस्थितियों से निपटने में मदद कर सकते हैं।हालांकि, सार्वजनिक प्रदर्शनों और आयोजनों में पुलिस की जिम्मेदारी केवल भीड़ नियंत्रण नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना भी है। ऐसे में आधुनिक उपकरणों के साथ प्रशिक्षित, संयमित और कानून के अनुरूप पुलिसिंग भी बेहद महत्वपूर्ण होगी।

नोट: दिए गए आंकड़ों के अनुसार 30,000-30,000 की तीन श्रेणियां यानी 90,000 उपकरण और अतिरिक्त 1,500 बैलिस्टिक शील्ड व 1,500 लाउड हेलर हैं। इसलिए सभी मदों को जोड़ने पर कुल संख्या 93,000 उपकरण बनती है। मूल रिपोर्ट में इसे 90 हजार उपकरण बताया गया है।