देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के उस बयान पर राजनीतिक पारा हाई हो गया है, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत के लिए कम्युनिज्म नहीं बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सां…

देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के उस बयान पर राजनीतिक पारा हाई हो गया है, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत के लिए कम्युनिज्म नहीं बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता खतरा है. हालांकि, उन्होंने यह बयान भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के हवाले से कही थी. अंसारी ने दावा किया था कि पंडित नेहरू के बयान को एजी नूरानी ने अपनी किताब ‘The RSS: A Menace to India’ में लिखा है. अंसारी के बयान पर भाजपा से लेकर विश्व हिंदू परिषद तक से जुड़े नेताओं ने आपत्ति जताई है

VIDEO | Delhi: Addressing at AG Noorani Memorial Lecture, Former Vice President Hamid Ansari says, “…The RSS: A Menace to India was the title of the book, which was published in 2019… The latter couplet, which he (A.G. Noorani) wrote in the first line of the book's… pic.twitter.com/wbwUMryReQ

VHP नेता विनोद बंसल ने अंसारी के बयान पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि भारत का बहुसंख्यक हिंदू समाज देश के लिए खतरा नहीं है. बंसल ने अंसारी के सार्वजिनक जीवन और उनके पूर्व पद का हवाला देते हुए उनके बयान पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में असली चुनौती उन विचारों से हैं, जो बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक के बीच विभाजन पैदा करती है. VHP की ओर से यह आरोप लगाया कि अंसारी के सार्वजनिक जीवन के दौरान, कुछ विवादित के कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी रही थी

भाजपा नेताओं ने भी अंसारी के बयान की आलोचना की. भाजपा नेता शहनवाज हुसैन ने इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण कहा. उन्होंने कहा कि देश में शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की जरूरत है. ऐसे बयानों से बचकर रहना चाहिए. वहीं, भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि बंटवारे के बाद भारत ने खुद को धर्मनिर्पेक्ष देश के रूप में आगे बढ़ाया. यहा अलग-अलग धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं. इसके अलावा, भाजपा नेता करुणासागर ने कहा कि अगर कट्टरता की चर्चा हो रही है तो सभी प्रकार के आतंकवाद और उग्रवाद की समान रूप से निंदा होनी चाहिए

अखिल भारतीय इमाम संगठन से जुड़े उमेर अहमद इलियासी ने भी अंसारी के बयान पर आपत्ति जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी से सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है. इलियासी ने कहा कि समाज में तनाव बढ़ाने वाली बातों से बचने की जरूरत है. इसके अलावा, मौलाना साजिद राशिदी ने भी कहा कि किसी पूरे समुदाय को कुछ लोगों की गतिविधियों के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने अंसारी के बयान को लेकर असहमति जताई