ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। शुरुआत मे…
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। शुरुआत में चर्चा थी कि रात में मैगी और चाय खाने के बाद परिवार की जान गई। इसके बाद परिवार के भीतर विवाद और हत्या की आशंका को लेकर सवाल उठे। अब मृतक महेश के मोबाइल फोन से कथित तौर पर मिले एक ऑडियो ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। बताया जा रहा है कि इस रिकॉर्डिंग में महेश ने परिवार की परिस्थितियों के लिए कुछ करीबियों और परिचितों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
टीवी9 की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को महेश के मोबाइल फोन से एक कथित ऑडियो मिला है, जिसमें उसने अपने परिवार की स्थिति को लेकर कुछ लोगों पर आरोप लगाए हैं। इस रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद पुलिस अब घटना के पीछे की परिस्थितियों की नए सिरे से पड़ताल कर रही है।
ऑडियो में कही गई बातों और घटना के बीच संबंध स्थापित करने के लिए पुलिस रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और उसके टाइमस्टैम्प की जांच कर रही है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि रिकॉर्डिंग कब बनाई गई थी और क्या इसमें दर्ज बातें घटना से पहले की परिस्थितियों पर कोई रोशनी डालती हैं।
इस ऑडियो के आधार पर सामूहिक आत्महत्या की आशंका पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, इसे अंतिम निष्कर्ष मानना जल्दबाजी होगी। पांचों लोगों की मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
मामले में एक अन्य घटनाक्रम के तहत मृतका ललिता के भाई आकाश की लिखित शिकायत पर रबूपुरा थाना पुलिस ने महेश की दो बहनों सुनीता और सपना तथा एक नंदोई के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीनों लंबे समय से महेश और ललिता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। शिकायतकर्ता ने संपत्ति पर अवैध कब्जा करने की मंशा का आरोप भी लगाया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि एफआईआर में दर्ज आरोपों की अभी जांच होनी है। आरोपियों की भूमिका और घटना से उनके संबंध के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकता है।
मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि परिवार को जमीन अधिग्रहण के बदले बड़ी मुआवजा राशि मिली थी और उसके बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस इस कथित संपत्ति विवाद को भी जांच के दायरे में रख सकती है।
इसके अलावा, वर्ष 2019 में महेश के बड़े भाई राहुल की ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने की घटना का भी जिक्र सामने आया है। बताया जा रहा है कि उस समय भी परिवार में कलह की बात कही गई थी। हालांकि, पुराने घटनाक्रम और मौजूदा मामले के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में अब कथित ऑडियो, पारिवारिक विवाद, संपत्ति से जुड़े आरोप और पुराने घटनाक्रम जैसे कई पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।फिलहाल, कथित ऑडियो को अंतिम सबूत या सामूहिक आत्महत्या का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता। पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।






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