Unnao News: उन्नाव के अजगैन क्षेत्र के चमरौली प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्क…

Unnao News: उन्नाव के अजगैन क्षेत्र के चमरौली प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में नियुक्त शिक्षक समय से नहीं पहुंचते और पढ़ाई की जिम्मेदारी काफी हद तक शिक्षामित्र के भरोसे रहती है।ग्रामीणों की शिकायत के बाद पत्रकार की ओर से स्कूल की स्थिति की पड़ताल की गई। इस दौरान स्कूल में केवल शिक्षामित्र के मौजूद होने का दावा किया गया, जबकि नियुक्त शिक्षकों के रोजाना सुबह 9 बजे के बाद स्कूल पहुंचने की शिकायत सामने आई।

अजगैन के चमरौली गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय को लेकर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यहां शिक्षक निर्धारित समय पर स्कूल नहीं पहुंचते। उनका कहना है कि शिक्षकों की गैरमौजूदगी में शिक्षामित्र ही बच्चों की पढ़ाई संभालते हैं।ग्रामीणों का सवाल है कि यदि शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंचेंगे तो बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक व्यवस्था पर इसका क्या असर पड़ेगा।हालांकि, शिक्षकों के नियमित रूप से देर से पहुंचने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।

ग्रामीणों की शिकायत के बाद स्कूल की स्थिति की पड़ताल की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, मौके पर शिक्षामित्र मौजूद मिले, जबकि नियुक्त शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सवाल उठे।ग्रामीणों का दावा है कि शिक्षक अक्सर सुबह 9 बजे के बाद विद्यालय पहुंचते हैं। यदि यह आरोप जांच में सही पाया जाता है तो यह विद्यालय में निर्धारित समय पर शिक्षकों की उपस्थिति से जुड़ा गंभीर प्रशासनिक मामला हो सकता है।

मामले में यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि स्कूल में तैनात एक शिक्षक को करीब डेढ़ लाख रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है और इसके बावजूद वह अक्सर देर से विद्यालय पहुंचते हैं।हालांकि, शिक्षक के वेतन और उपस्थिति से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। इन तथ्यों की वास्तविक स्थिति विभागीय रिकॉर्ड और जांच से स्पष्ट होगी।

ग्रामीणों की शिकायत के बाद मामले की जानकारी बीएसए शैलेश पांडे को दी गई। बताया गया कि बीएसए ने बीआरसी अजगैन को मामले की जांच के लिए सूचित किया।इसके बाद बीआरसी की टीम ने मौके पर पहुंचकर विद्यालय की स्थिति का जायजा लिया और मामले की जांच की।अब जांच के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि शिक्षकों की उपस्थिति और समय से स्कूल पहुंचने को लेकर लगाए गए आरोप कितने सही हैं।

सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की नियमित उपस्थिति अहम मानी जाती है। चमरौली स्कूल को लेकर सामने आई शिकायत ने इसी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं पहुंचते हैं तो इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है। अब ग्रामीणों की नजर जांच रिपोर्ट और विभागीय कार्रवाई पर है।

बीआरसी टीम के निरीक्षण के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। यदि शिक्षकों के नियमित रूप से देर से पहुंचने की पुष्टि होती है तो विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल मामले में अंतिम स्थिति जांच और संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।

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