केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 2021 के पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा से जुड़े हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रही घोषित अपराधी झरना मिस्त्री को गिरफ्तार क…

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 2021 के पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा से जुड़े हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रही घोषित अपराधी झरना मिस्त्री को गिरफ्तार किया है. CBI के मुताबिक, झरना मिस्त्री सह-आरोपी संजय मिस्त्री की पत्नी है. उसे मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को दक्षिण 24 परगना जिले के संतोषपुर स्थित घोषपाड़ा से गिरफ्तार किया गया. CBI के अनुसार, झरना मिस्त्री 2021 में FIR दर्ज होने के बाद से फरार थी और उसने जांच तथा मुकदमे की कार्यवाही में कभी हिस्सा नहीं लिया. उसकी गिरफ्तारी के लिए CBI ने 50 हजार रुपये के नकद इनाम की भी घोषणा की थी

यह मामला पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़ा है. CBI ने कलकत्ता हाईकोर्ट के 19 अगस्त 2021 के आदेश के अनुपालन में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी. इसके बाद 27 अगस्त 2021 को जगद्दल थाना, उत्तर 24 परगना में दर्ज FIR नंबर 345/2021, दिनांक 3 मई 2021 को टेकओवर किया गया. शिकायत के मुताबिक, चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान शिकायतकर्ता की मां सोवा रानी मंडल की हत्या कर दी गई थी. मामले में हत्या का आरोप झरना मिस्त्री समेत अन्य आरोपियों पर लगाया गया था

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CBI ने जांच पूरी करने के बाद 29 दिसंबर 2021 को मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की. इसमें झरना मिस्त्री समेत कुल 13 आरोपियों को आरोपी बनाया गया था. हालांकि, झरना मिस्त्री लगातार गिरफ्तारी से बचती रही और मुकदमे की प्रक्रिया से भी दूर रही. जांच एजेंसी के मुताबिक, वह लगातार अपना ठिकाना बदलकर कानून की प्रक्रिया से बचने की कोशिश कर रही थी

लगातार फरार रहने और अदालत की कार्यवाही में शामिल नहीं होने के बाद बैरकपुर के ACJM कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2023 को झरना मिस्त्री को Proclaimed Offender यानी घोषित अपराधी घोषित कर दिया था. CBI ने उसकी तलाश तेज करते हुए गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. जांच एजेंसी को मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मंगलवार को दक्षिण 24 परगना के संतोषपुर इलाके से उसे गिरफ्तार कर लिया

CBI के मुताबिक गिरफ्तार झरना मिस्त्री को आज ही बैरकपुर की सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है. अब अदालत के समक्ष जांच एजेंसी उसकी हिरासत और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर अपना पक्ष रखेगी. मामला पश्चिम बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित राजनीतिक हिंसा से जुड़े उन मामलों में शामिल है, जिनकी जांच कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI को सौंपी गई थी

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