दालचीनी भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख मसालों में से एक है। चाय, बिरयानी से लेकर मिठाइयों तक में इसका इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन बाजार में मिलने व…

दालचीनी भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख मसालों में से एक है। चाय, बिरयानी से लेकर मिठाइयों तक में इसका इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन बाजार में मिलने वाली दालचीनी को लेकर एक जरूरी बात जानना भी जरूरी है, आमतौर पर बाजार में सीलोन दालचीनी (Ceylon Cinnamon) और कैसिया (Cassia) दोनों मिलती हैं, दोनों दिखने में काफी समान होती हैं, इसलिए इनके बीच अंतर करना आसान नहीं होता।

सेहत के लिहाज से भी दोनों में अंतर महत्वपूर्ण माना जाता है, कैसिया में कूमारिन (Coumarin) की मात्रा सीलोन दालचीनी की तुलना में अधिक होती है, कूमारिन का लंबे समय तक अधिक मात्रा में सेवन लिवर के लिए नुकसानदायक हो सकता है, ऐसे में दालचीनी खरीदते समय दोनों के बीच अंतर पहचानना उपयोगी हो सकता है।

साबुत दालचीनी खरीदते समय उसकी स्टिक को ध्यान से देखें, सीलोन दालचीनी की छाल कई बेहद पतली परतों में लिपटी होती है। यह देखने में कई कागज की पतली परतों को रोल करने जैसी लग सकती है, वहीं कैसिया की छाल अपेक्षाकृत मोटी और सख्त होती है, इसमें आमतौर पर मोटी परत दिखाई देती है, सीलोन दालचीनी अपेक्षाकृत नाजुक होती है, जबकि कैसिया की स्टिक ज्यादा कठोर होती है।

सीलोन दालचीनी का रंग आमतौर पर हल्का भूरा या टैन होता है, दूसरी तरफ कैसिया का रंग गहरा भूरा और लालिमा लिए हो सकता है, खुशबू में भी अंतर महसूस किया जा सकता है, सीलोन दालचीनी की सुगंध हल्की और मीठी होती है, जबकि कैसिया की खुशबू ज्यादा तेज और तीखी हो सकती है हालांकि, केवल रंग या खुशबू के आधार पर दालचीनी की किस्म की पूरी तरह पुष्टि नहीं की जा सकती।

दालचीनी की स्टिक को पानी में डालकर उसकी बनावट और रंग में बदलाव देखा जा सकता है, सीलोन दालचीनी अपेक्षाकृत जल्दी नरम हो सकती है, जबकि कैसिया अधिक सख्त रह सकती है, उबालने पर भी दोनों की रंगत में अंतर दिखाई दे सकता है, लेकिन यह घरेलू टेस्ट वैज्ञानिक रूप से किसी उत्पाद की प्रजाति की पक्की पहचान का तरीका नहीं है। इसलिए केवल इस टेस्ट के आधार पर दालचीनी को असली या नकली घोषित नहीं करना चाहिए।

सीलोन दालचीनी का स्वाद अपेक्षाकृत हल्का, मीठा और नाजुक माना जाता है। वहीं कैसिया का स्वाद अधिक तीखा और तेज हो सकता है हालांकि, मसाले को केवल पहचान के लिए चखना जरूरी नहीं है, खरीदते समय पैकेट पर Ceylon Cinnamon या True Cinnamon जैसे नाम और उत्पाद की लेबलिंग देखना ज्यादा उपयोगी है।

कैसिया में कूमारिन की मात्रा सीलोन दालचीनी की तुलना में काफी अधिक हो सकती है, लंबे समय तक बहुत अधिक कूमारिन का सेवन कुछ लोगों में लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए दालचीनी का इस्तेमाल सामान्य खाद्य मात्रा में करना और जरूरत से ज्यादा सेवन से बचना बेहतर है।

ध्यान दें: दालचीनी की किस्म की पक्की पहचान के लिए घरेलू टेस्ट पूरी तरह भरोसेमंद नहीं माने जाते, किसी उत्पाद की गुणवत्ता और किस्म जानने के लिए विश्वसनीय ब्रांड की पैकेजिंग, लेबल और प्रमाणित जानकारी को प्राथमिकता दें।