आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी के एमएलसी लाल बिहारी यादव का एक बयान सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लाल बिहारी य…

आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी के एमएलसी लाल बिहारी यादव का एक बयान सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लाल बिहारी यादव कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि अगर सपा प्रमुख अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में भी घंटी बांध दें, तो उसे ही वोट देना है। इस बयान को लेकर भाजपा ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है।

दरअसल, आगामी एमएलसी चुनाव और 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी संगठन को मजबूत करने की तैयारी में जुटी है। इसी क्रम में आजमगढ़ के नेहरू हाल में शिक्षकों की एक बैठक आयोजित की गई थी। कार्यक्रम में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान शिक्षकों को संबोधित करते हुए सपा एमएलसी लाल बिहारी यादव ने कथित तौर पर कहा कि अखिलेश यादव अगर किसी कुत्ते के गले में भी घंटी बांध दें तो सभी को उसी को वोट देना है। बयान का वीडियो सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

सपा एमएलसी के बयान पर भाजपा नेता जयनाथ सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस बयान को लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता का अपमान बताया। जयनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में जनता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके अपने जनप्रतिनिधियों का चुनाव करती है। ऐसे में किसी राजनीतिक दल के नेता द्वारा इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। भाजपा नेता ने कहा कि एक शिक्षक एमएलसी और विधान परिषद के सदस्य की ओर से इस तरह का बयान दिया जाना निंदनीय है। उन्होंने लाल बिहारी यादव से अपने बयान पर विचार करने और सर्व समाज तथा आजमगढ़ की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

जयनाथ सिंह ने कहा कि किसी राजनीतिक दल की ओर से किसी व्यक्ति को प्रत्याशी घोषित किए जाने का मतलब यह नहीं है कि जनता उसे आंख बंद करके वोट देगी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई पार्टी किसी व्यक्ति को टिकट देकर चुनाव लड़ाती है तो क्या केवल पार्टी के समर्थन के आधार पर जनता उसे स्वीकार करने के लिए बाध्य हो जाती है? फिलहाल, सपा एमएलसी के कथित बयान का वीडियो वायरल होने के बाद यूपी की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर भाजपा ने इसे लेकर समाजवादी पार्टी को घेरा है, वहीं इस बयान के राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।